रेवाड़ी, जागरण संवाददाता: दिल्ली-जयपुर हाईवे नंबर-48 स्थित गांव लाधूवास गुर्जर में पांच नौजवानों की मौत के बाद मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे में मारे गए सभी युवा 20 से 24 वर्ष के थे। गांव में एक साथ जली पांच चिताओं ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

बुधवार को गांव में चूल्हे भी नहीं जले। गांव में रहने वाले जिस भी व्यक्ति ने हादसे के बारे में सुना उसके कदम गांव की तरफ बढ़ गए। हादसे में गांव लाधूवास के रहने वाले महेश, सचिन, कपिल, सोनू व नितेश उर्फ भूरा की मौत हो गई। सभी युवा जिस कार में सवार थे, वह महेश की थी। महेश, सचिन व कपिल शादीशुदा थे, जबकि नितेश व सोनू अविवाहित थे। कपिल की इसी वर्ष फरवरी में शादी हुई थी। हादसे ने तीन सुहाग भी उजाड़ दिए। सचिन के परिवार में दो बहने व एक छोटा भाई है।

सांत्वना देने पहुंच गए

आस-पास के गांवों के ग्रामीणों व रिश्तेदारों के कदम जैसे-जैसे हादसे में मारे गए युवकों के घरों की तरफ बढ़ते गए, चीख चित्कार से उनका भी कलेजा भर आया। महिलाओं व स्वजन की चित्कार से कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। हादसे ने पांच परिवारों को उजाड़ कर रख दिया।

एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

हादसे में मारे गए पांचों युवाओं का गांव में एक साथ ही अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ जलती पांच चिताओं ने सभी को झकझोर दिया। अंतिम संस्कार में लाधूवास के अतिरिक्त आस-पास के गांवों के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल रहे। हृदय विदारक दृश्य देख कर श्मशान स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

हादसे के मामले में कसौला थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कसौला थाना एसएचओ मनोज कुमार ने बताया कि फिलहाल बस चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है और हादसे की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिए गए।

Edited By: krishan kumar

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