रेवाड़ी[महेश कुमार वैद्य]। रविवार को यहां के गांव डहीना में हुई केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की सम्मान रैली से कई बड़े राजनीतिक संदेश निकले। राव ने जहां यह संदेश दिया कि वह मनोहर की बजाय सिर्फ मोदी की तारीफ करेंगे, वहीं कल तक राव के खास चहेते रहे विधायक बिक्रम सिंह ठेकेदार ने साफ कर दिया कि अब वह राव के नहीं मनोहर के हैं। बिक्रम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। बिक्रम ने जैसे ही सीएम की तारीफ शुरू की वैसे ही उनकी हूटिंग शुरू हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री का गुणगान जारी रखा तो आयोजकों ने माइक बंद कर दिया, जिसके बाद बिक्रम सिंह को बैठना पड़ा।

बिक्रम के संबोधन के बाद जब माइक एसएस बोर्ड के पूर्व सदस्य हंसराज यादव के हाथ में आया तो उन्होंने बिना नाम लिए विधायक पर निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को दो-दो बत्तियां दिलवाई गई, वही दूसरों का गुणगान कर रहे हैं। (राव इंद्रजीत सिंह की वजह से बिक्रम यादव मंत्री रहे हैं जबकि उनकी पत्नी जिला प्रमुख)।

राव इंद्रजीत सिंह ने सीधे किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन प्रदेश के बड़े नेताओं से लेकर अपने समर्थक मौजूदा व पूर्व विधायकों तक सबको लपेट लिया। राव ने कहा कि जो लोग आज यह भ्रम पाल रहे हैं कि हरियाणा की सत्ता उनकी वजह से मिली थी वह समझ लें कि केंद्र में मोदी की सरकार नहीं बनती तो हरियाणा में भी भाजपा चार से 47 पर नहीं पहुंचती। उन्होंने बिक्रम यादव का जिक्र किए बिना कहा कि, ‘मैं भोला आदमी हूं। मैं टिकट दिला देता हूं और आप चुनाव जितवा देते हो और ये बागी बन जाते हैं।’

वहीं, विधायक बिक्रम सिंह यादव ने कहा कि मैने राव से बगावत नहीं की है। उनके लिए मेरे दिल में सम्मान है, लेकिन यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि कोसली समेत पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहरलाल की वजह से विकास के कार्य हुए हैं। पारदर्शिता से खूब नौकरियां मिली है। ग्राम पंचायतों को विकास के लिए काफी धन मिला है। काम की तारीफ करने में और सच बोलने में क्या गलत है। सीएम की तारीफ का मतलब राव का विरोध नहीं है।

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Posted By: Mangal Yadav

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