महेश कुमार वैद्य, रेवाड़ी: दिसंबर 2017 में दिए गए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बावजूद धारूहेड़ा क्षेत्र के हजारों लोगों को खुली हवा में जीना और स्वच्छ पानी पीना नसीब नहीं हुआ है। लोगों की परेशानी को देखते हुए अब हरियाणा

के मुख्य सचिव के आदेश पर रेवाड़ी जिला प्रशासन राजस्थान पर आदेशों का क्रियान्वयन न करने का आरोप लेकर फिर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पास जाएगा और एनजीटी से अपने आदेश को लागू करवाने का अनुरोध करेगा।

बारिश के बाद धारूहेड़ा क्षेत्र में हालात अधिक ¨चताजनक हो गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार एनजीटी के डर के कारण राजस्थान की फैक्ट्रियों व ट्रीटमेंट प्लांट ने जहरीला पानी अपने क्षेत्र में रोका हुआ था। अपने बचाव के लिए कम क्षमता के ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला पानी ही हरियाणा की ओर छोड़ रहा था, लेकिन जैसे ही बारिश हुई वैसे

ही बरसाती पानी की आड़ लेकर स्टोर किया हुआ प्रदूषित पानी इधर धकेल दिया। भिवाड़ी के उद्योग पहले भी ऐसा करते रहे हैं। तीखी दुर्गंध वाला हजारों गैलन पानी धारूहेड़ा के आसपास के गांवों तक पहुंचने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ रही है। रेवाड़ी के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा खुद इस मामले में पहल कर रहे हैं। उन्होंने भी माना कि राजस्थान के अधिकारी बैठक में जो बातें करते हैं, उन पर अमल नहीं होता। मजबूरी में हम फिर से एनजीटी के पास जा रहे हैं।

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यह है भिवाड़ी की तस्वीर

भिवाड़ी में कई दशक पहले कुल 1639 औद्योगिक इकाइयों को प्लाट आवंटित किए गए थे। इनमें से 1475 यूनिट स्थापित

हुई। वर्तमान में यहां 823 उद्योग र¨नग में हैं। पिछले दिनों जब सख्ती हुई थी तब इनमें से 118 ऐसी इकाइयों बंद कर दी गई थी जो प्रदूषण फैला रही थी। कुछ अन्य इकाइयों को भी नोटिस थमाए गए थे, लेकिन ऐसी कई इकाइयां हैं जो प्रदूषित पानी को ट्रीट करके आगे धकेलने की बजाय बारिश होते ही हरियाणा की ओर धकेल देती हैं। रीको व राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मानो किसी की भय नहीं है।

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हमने एनजीटी के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए राजस्थान के अधिकारियों से बातचीत भी की है। बैठकें भी की है, लेकिन हर संभव प्रयास के बावजूद बात नहीं बन रही है। जिस बड़े ट्रीटमेंट प्लांट के लगाने की राजस्थान के अधिकारी बात कर रहे हैं उसे पूरा होने में तो दो वर्ष से भी अधिक का समय लगेगा। राजस्थान की सुस्ती एनजीटी की अवमानना की श्रेणी में आती है। हमारे लोग परेशान हैं। हम कैसे उन्हें भाग्य भरोसे छोड़ सकते हैं।

-अशोक कुमार शर्मा, उपायुक्त

रेवाड़ी

Posted By: Jagran