विजय मिश्रा, रेवाड़ी

कॉलेजों में दाखिला लेने का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को इस बार अन्य दस्तावेजों की तरह एक शपथपत्र अलग से देना होगा। इसमें उन्हें बताना होगा कि वे न तो किसी साथी की रैगिंग करेंगे और न ऐसी गतिविधि में शामिल होने वाले का साथ देंगे। शपथपत्र में रैगिग जैसी किसी भी अवांछित गतिविधि में शामिल पाए जाने पर प्रवेश निरस्त करने की बात भी लिखी होगी। दरअसल, छात्रसंघ चुनाव होने के बाद कॉलेजों में रैगिग जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी के तहत इस प्रकार का शपथपत्र भी अनिवार्य किया गया है।

अभी तक कॉलेज की अनुशासन समिति की टीम को रैगिग करने वालों पर सख्ती करने के निर्देश होते थे। हालांकि अभी तक जिले के किसी भी कॉलेज में रैगिग का मामला सामने नहीं आया है फिर भी विश्वविद्यालय व कॉलेजों में विद्यार्थियों से शपथपत्र लिया जाएगा। स्कूल की चारदीवारी से निकलने के बाद कॉलेज में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों में ज्यादा उत्साह रहता है इसलिए यह निर्णय लिया गया है। नए सत्र से पहली बार रैगिग सहित अन्य समस्याओं के निवारण के लिए छात्र शिकायत निवारण समिति भी गठित की जाएगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने नए सत्र से यह समिति गठित करने को कहा है। समिति विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर व कॉलेज प्राचार्य की अध्यक्षता में बनाई जाएगी। इसमें प्राचार्य के अलावा स्टाफ के तीन सदस्य व छात्रसंघ का एक प्रतिनिधि शामिल किया जाएगा। समिति के साथ-साथ विभागीय स्तर पर लोकपाल की भी नियुक्ति की जाएगी जो शिकायतों को निपटाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस समिति के सामने विद्यार्थी परीक्षा, रैगिंग, प्रताड़ना, शारीरिक शोषण जैसे किसी भी मामले की शिकायत की जा सकेगी। ऑनलाइन पोर्टल पर होगी शिकायत

उच्चतर शिक्षा निदेशालय के आदेशों के तहत हर कॉलेज को तीन महीने के दौरान एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करना होगा। ऑनलाइन शिकायत प्राप्त होने पर संस्थान पंद्रह दिन के अंदर रिपोर्ट छात्र शिकायत निवारण समिति को भेजेगा। समिति एक तारीख तय करेगी। इसकी जानकारी संस्थान व पीड़ित विद्यार्थी को दी जाएगी। इसके बाद समिति द्वारा मामले का निपटान कर लोकपाल को मामले की रिपोर्ट दी जाएगी। दाखिला हो सकता है रद

यदि विद्यार्थी रैगिग करने की गतिविधि में संलिप्त होता है तो उसका दाखिला रद हो सकता है। शपथपत्र में भी उल्लेख होगा कि यदि मेरी संलिप्तता मिलती है तो दाखिला रद कर सकते हैं। छात्र संघ चुनाव होने के बाद एहतियात के तौर पर प्रवेश के समय ही यह नियम लागू किया गया है। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले हर विद्यार्थी से रैगिंग समेत अन्य अवांछित गतिविधि में शामिल नहीं होने का शपथपत्र लेने के उच्चतर निदेशालय के निर्देश हैं। इसी के अनुरूप विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से छात्र शिकायत निवारण समिति को भी विशेष रूप से निर्देश दिए जा रहे हैं।

-हरिसिंह यादव, जिला नोडल अधिकारी, उच्चतर शिक्षा निदेशालय

Posted By: Jagran

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