संवाद सहयोगी, धारूहेड़ा : औद्योगिक कस्बे स्थित दुपहिया वाहन निर्माता इकाई के लिए स्पेयर पार्टस बनाने वाल रीको ऑटो में कम उत्पादन के चलते एक बार फिर 104 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा गया है। नौकरी से निकाले जाने के चलते कर्मचारियों में निराशा का माहौल है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यूनियन ने कर्मचारियों को निकाले जाने पर कड़ा एतराज जताया है।

गौरतलब है कम उत्पादन के चलते रीको कंपनी में स्थायी कर्मचारियों को निकालने का सिलसिला कई माह से चल रहा है। पहले भी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। वहीं, मंगलवार को मशीन शॉप की लाइन नंबर एक बंद होने की कह कर 104 कर्मचारियों की नामों की सूची कंपनी गेट पर लगा दी। सूची में शामिल कर्मचारियों को कंपनी में ड्यूटी के लिए नहीं लिया जाएगा। जब सुबह कर्मचारी ड्यूटी करने पहुचे तो गेट पर पुलिस बल तैनात मिला। कर्मचारियों ने सूची में अपने अपने नाम देखे और बैरंग घर लौट आए। कंपनी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात होने के चलते कर्मचारियों का विरोध भी दब कर रह गया। हालांकि यूनियन की ओर से हाईकोर्ट में केस दायर किया हुआ है।

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कंपनी घाटे में नहीं है। जानबूझकर घाटे में दिखाकर स्थायी कर्मचारियों को निकाला जा रहा है। कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। यूनियन की ओर से हाईकोर्ट में केस दायर किया हुआ है।

-राजकुमार सैन, प्रधान, रीको यूनियन धारूहेड़ा।

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कंपनी की आर्थिक स्थिति के बारे में यूनियन को अवगत कराया जा चुका है। पहले भी सूचित किया गया था कि जो कर्मचारी स्वेच्छा से जाना चाहते है, जा सकते है। घाटे की स्थिति के चलते मशीन शॉप की लाइन एक को बंद कर दिया गया है।

-राकेश कपूर, निदेशक, रीको।

Posted By: Jagran

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