जागरण संवाददाता, पानीपत :

42 करोड़ की लागत से बनी सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में भी मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल की एक्स-रे मशीन शुक्रवार को एक बार फिर खराब हो गई। इससे 70 मरीजों वापस लौटना पड़ा। उधर, अल्ट्रासाउंड डेढ़ महीने पहले ही कंडम घोषित की चुकी है।

गर्भवती महिलाओं और पेट सहित अन्य बीमारियों से पीड़ितों को निजी केंद्रों में 800-1000 रुपये में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल का रेडियोलॉजी विभाग में रोजाना करीब 200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें 60-70 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। शुक्रवार को भी मरीज डॉक्टर के परामर्श पर एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे। विगत दिनों की भांति अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका हुआ था। एक्स-रे कक्ष के बाहर कुछ मरीज निराश खड़े दिखाई दिए। मरीजों ने बताया कि एक-डेढ़ घंटा ओपीडी की कतार पर लगना पड़ा। डॉक्टर ने एक्स-रे के लिए लिख दिया। यहां आकर पता चला कि मशीन खराब है, सोमवार तक ठीक होगी। दुखद पहलू ये कि अस्पताल प्रबंधन ने ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए निजी केंद्र से भी टाइअप नहीं किया हुआ है। ।

विभाग के डॉ. राजीव मान ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन की मियाद खत्म हो चुकी है। करीब दो वर्षों से मरम्मत कर चलाई जा रही है। कंपनी के मैकेनिक उसे कंडम घोषित कर चुके हैं। मशीन को जल्द ठीक करा दिया जाएगा।

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पीने को पानी भी नहीं

ट्यूबवेल खराब होने से नई बिल्डिंग में पानी की किल्लत भी रही। मरीज और तीमारदार पानी के लिए भटकते रहे। मजबूरी में पानी खरीदना पड़ा। वाटर कूलरों में पानी नहीं होने के कारण पुरानी बिल्डिंग की ओर दौड़ लगानी पड़ी। शौचालयों में पानी खत्म हो गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आलोक जैन ने बताया कि नए ट्यूबवेल से सप्लाई शुरु कराई थी, लेकिन कुछ खराबी के कारण पानी आना बंद हो गया। मरम्मत कराई जा रही है।

Posted By: Jagran