जागरण संवाददाता, पानीपत : महामारी के बीच एंबुलेंस चालकों के आए दिन मनमानी के रेट वसूलने के मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने सरकारी एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए पानीपत रोडवेज डिपो की नौ महिला बसों को एंबुलेंस में तब्दील करने का फैसला किया है। निर्देश दिए हैं कि सभी मिनी बसों को एंबुलेंस में बदला जाए। अब पानीपत डिपो की नौ बसों में से पांच बसें एंबुलेंस के लिए तैयारी होंगी। तीन बसें गुरुग्राम, नूंह व झज्जर जाएंगी। एक बस रिजर्व में रखेंगे। सभी बसों को एंबुलेंस के लिए पानीपत डिपो के वर्कशॉप में ही बदलाव करने का काम शुरू किया जाएगा। जो 13 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। फिर अस्पतालों में एंबुलेंस की सेवा देने के लिए तैयार होगी।

बता दें कि पिछले साल 2020 मार्च में पानीपत डिपो को नौ मिनी बसें मिली थी। इसके बाद यह बसें कम ही रूट पर रही है। कोविड महामारी के कारण बस स्टैंड के वर्कशॉप में ही धूल फांक रही है। अब सरकार ने इन बसों को काम में लेने के लिए एंबुलेंस में बदला जा रहा है ताकि मरीजों को सही समय पर एंबुलेंस की सेवा मिल सके। इसके लिए रोडवेज प्रशासन ने मिनी बसों को एंबुलेंस में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार के आदेश पर मिनी बसों को एंबुलेंस में बदला जाएगा

ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर ने बताया कि सरकार के आदेश पर डिपो की नौ मिनी बसों को एंबुलेंस बदला जाएगा। इसके लिए पांच बसें पानीपत के लिए, एक-एक बस गुरुग्राम, नूंह व झज्जर के लिए भेजी जाएगी।