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पानीपत में उधार दिए दो लाख रुपये मांगने पर गला घोंटकर महिला की हत्या, कट्टे में शव डाल नहर में फेंका

Published: Wed, 16 Sep 2026 09:06 PM (IST)

पानीपत में 45 वर्षीय महिला रजनी की हत्या का मामला सुलझ गया है। दो लाख रुपये के कर्ज को लेकर ...और पढ़ें

उधार दिए दो लाख रुपये मांगने पर गला घोंटकर महिला की हत्या।

उधार दिए दो लाख रुपये मांगने पर गला घोंटकर महिला की हत्या।

HighLights

  1. पानीपत में महिला रजनी की हत्या का खुलासा

  2. दो लाख रुपये के कर्ज के लिए हुई हत्या

  3. गौरव और शुभम ने गला घोंटकर शव नहर में फेंका

जागरण संवाददाता, पानीपत। पूरेवाल कॉलोनी में नौ दिन से लापता 45 वर्षीय महिला की हत्या की गुत्थी पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के अनुसार, करीब दो लाख रुपये के कर्ज की रकम वापस मांगने पर आरोपित गौरव ने रजनी की हत्या की।

आरोपित ने किसी महिला से रुपये लेने के बहाने रजनी को सौंदापुर बुलाया और अपने दोस्त शुभम के घर ले गया। वहां दोनों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कट्टे में डालकर नहर में फेंक दिया।

करीब 50 स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने और अन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपितों तक पहुंची। मामले में कच्चा कैंप निवासी गौरव और सौंदापुर निवासी शुभम को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

दो लाख रुपये बने हत्या की वजह

पूछताछ में आरोपित गौरव ने बताया कि उसने रजनी मेहता से कई महीने पहले करीब दो लाख रुपये उधार लिए थे। रजनी लगातार अपने पैसे वापस मांग रही थी। रुपये लौटाने से बचने के लिए गौरव ने रजनी की हत्या की साजिश रची।

अन्य महिला से पैसे लेने के बहाने सौंदापुर बुलाया

सात सितंबर को गौरव ने रजनी से कहा कि उसे सौंदापुर में एक महिला से रुपये लेने हैं और वह उसके साथ चले। गौरव के कहने पर रजनी उसके साथ सौंदापुर चली गई। पुलिस का दावा है कि शुभम के घर पहुंचने के बाद गौरव और शुभम ने मिलकर रजनी का गला घोंट दिया और शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

आरोपितों ने शव को कट्टे में डालकर बाइक से नहर तक पहुंचाया। इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया गया। पुलिस अब शव की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

बेटे ने पहले ही जताया था एक आरोपित पर शक

रजनी मेहता के बेटे अनमोल मेहता ने एक आरोपित पर पहले ही शक जाहिर किया था। हालांकि उस समय पुलिस के पास आरोपित के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे।

थाना प्रभारी अरविंद की टीम ने रजनी के घर से लेकर उसके सौंदापुर पहुंचने और हत्या के स्थान तक करीब 50 जगहों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य साक्ष्यों से कड़ियां जुड़ने के बाद पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें हत्या का मामला सामने आया।