जागरण संवाददाता, करनाल। मौसम की परिस्थितियों में शनिवार से बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का मानना है कि शनिवार से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छा सकते हैं, कई हिस्सों में बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस समय पश्चिमी विक्षोभ को पंजाब और आसपास के क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा सकता है। जिसका असर हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। तीन दिन यानि 18 अक्टूबर तक यह परिस्थितियां बनी रह सकती हैं, ऐसे में संभव है कि धान कटाई का काम बाधित हो सकता है।

इस समय देशभर में यह बनी हुई हैं मौसम की परिस्थितियां

इस समय कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। समुद्र तल से 4.5 और 5.8 किमी के बीच एक ट्रफ रेखा लगभग 13 डिग्री उत्तरी अक्षांश के साथ लक्षद्वीप पर कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से लेकर उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक चल रही है। पश्चिमी विक्षोभ को पंजाब और आसपास के क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में देखा जा सकता है। जिसका असर हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है।

इधर गेहूं बिजाई की तैयारियों में जुटे किसान

धान उठान के साथ ही किसान गेहूं की अगेती किस्मों की बुआई की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस समय तापमान भी नीचे जा रहा है, ऐसे में अगेती किस्म के बीज के लिए 20 अक्टूबर के बाद का मौसम ठीक हो जाएगा। क्योंकि मौसम विभाग ने भी बूंदाबांदी की संभावना जताई है, इससे मौसम ठंडा हो जाएगा। जो गेहूं बुआई के लिए बिल्कुल मुफीद समय होगा। इस समय न्यूनतम तापमान 16 से 17.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इसमें ओर गिरावट आने की संभावना है।

Edited By: Naveen Dalal