करनाल, जागरण संवाददाता। हरियाणा में पानीपत, गुरुग्राम सहित कई शहरों में पिछले तीन दिनों से आंधी और बारिश ने राहत दी। भीषण गर्मी से लोगों को निजात मिली है। बारिश ने मई माह में रिकार्ड तोड़ा है। वहीं, आज भी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

देश के उत्तरी हिस्सों में पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पिछले कुछ दिनों से तेज प्री मानसून बारिश और गरज के साथ बारिश हो रही है। बारिश से लगभग पूरे क्षेत्र में तापमान के मामले में बड़ी राहत मिली है। अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे है। आज भी, उत्तर भारत की पहाड़ियों पर कुछ बारिश और अधिक होने की संभावना है साथ ही सिस्टम के अवशेष के कारण मैदानी इलाकों में कुछ प्री-मानसून गतिविधि देखी जा सकती है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित मैदानी इलाकों में कल से सफाई की उम्मीद है। 28 और 29 मई के आसपास सीमांत प्री मानसून गतिविधि देखी जा सकती है। हालांकि, पहाड़ियों में कुछ बारिश दिख सकती है। हालांकि, पहाड़ियां 28 मई के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ की उम्मीद कर सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उस समय कुछ गतिविधि हो सकती है। सिस्टम कमजोर होगा इसलिए प्री-मानसून गतिविधि उतनी नहीं होगी।

इसके साथ ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है। धीरे-धीरे, दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 और 28 मई के आसपास 40 डिग्री से अधिक देखने को मिल सकता है।

करनाल में मई माह में हुई रिकार्ड तोड़ बरसात

वर्ष बरसात एमएम में

2011:::::58.0 एमएम

2012 :::::0.4

2013::::: 2.0

2014::::: 42.6

2015 :::::6.8

2016 :::::30.6

2017::::: 4.8

2018 :::::34.0

2019 :::::27.0

2020 :::::58.4

2021 :::::37.4

2022 :::::85.0

नोट : यह आंकड़े मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए हैं और मई माह में होने वाली बरसात के हैं।

देशभर में यह बना हुआ है मौसमी सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आस-पास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। यह पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तर पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। एक उत्तर दक्षिण टर्फ रेखा उत्तर पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने हुए चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर पूर्वी अरब सागर की ओर चल रही है। एक और निम्न दबाव की रेखा उत्तर पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने हुए चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से उत्तर प्रदेश, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से गुजरती हुई उत्तरी बांग्लादेश तक जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla