पानीपत [राजेंद्र फोर]। हरियाणा में मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ है। दिन में भी तापमान में गिरावट है। अब तो बीच-बीच में बारिश होने से ठंड ज्‍यादा सता रहा है। शनिवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई है। सबसे लंबे समय तक ठिठुरन वाले 11 से 13 दिन वर्ष 2015 के जनवरी में पड़े थे। अब 2022 में ठंड सता रही। मौसम विभाग का कहना है कि कोहरे और हल्के बादलों के साथ हवा चलने से दिन में ज्यादा ठंड पड़ रही है। अभी दो दिन और बारिश की संभावना है। वहीं, पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम के बदलते तेवर को जागरण के फोटोग्राफर ने अपने कैमरे में कैद किया। आइए कैमरे की नजर से देखते हैं मौसम की कुछ खास तस्‍वीरें।

सुबह धुंध में ई रिक्‍शा लेकर जाता चालक। 

सर्द जमीं पर जज्बात भरे कदम....ये तस्वीर पानीपत शिवाजी स्टेडियम की है। सर्द हवा चलने के कारण ठंड चरम पर है। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर तैयारियां शुरु हो गई हैं। राष्ट्रीय समारोह में भाग लेने के लिए सर्द जमीं पर जज्बात भरे कदम बढ़ाती छात्राएं।

आग की लपटों के सहारे...पहाड़ों में बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर चल रही है। ठिठुरन बढ़ने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सर्दी से राहत के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। पानीपत माडल टाउन में ठंड से बचाव के लिए लकड़ी जलाकर आग की लपटों के सहारे काम करते युवक।

सर्द फिजा का सन्नाटा....ये तस्वीर पानीपत देवीलाल पार्क की है। हर रोज यहां पर लोगों का तांता लगा रहता था। लेकिन अधिक ठंड होने के कारण पार्क में आवाजाही ना के बराबर रही है। सामान बेचने वाले भी रोजी-रोटी के लिए इस तरह सर्द फिजा के सन्नाटे में ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए।

फसल बचाने की जुगत... पिछले कुछ दिनों में कम हुए तापमान व खुलकर धूप नहीं निकलने से खेतों में लहलहा रही सब्जी की फसलों पर ठंड की मार पडऩे लगी है। आलू की फसल झुलसा रोग की चपेट में आने लगी है। वहीं टमाटर, सरसों तथा प्याज की नर्सरी पर भी ठंड का असर दिखने लगा है। गोभी में बन रहे फूल व पत्तियां भी कुंभलाने लगी हैं। इससे सब्जी की खेती करने वाले किसानों की चिता बढ़ती जा रही है। किसान अपनी सब्जी की फसल को बचाने केलिए जद्दोजहद कर रहे है। पानीपत के उग्राखेडी गांव के पास टमाटर की फसल को ठंड से बचाने के लिए लोटनल पद्धति का सहारा लेता किसान जसबीर मलिक।

सितमगर ठंड...कई दिन से कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिसका असर हर जीव-जंतुओं पर दिख रहा है। चाहे वह मनुष्‍य हो या जानवर। मनुष्‍य तो सर्दी से बचने के उपाय कर लेता है, लेकिन जानवरों के पास कोई संसाधन नहीं होते। उन्हें तो सर्दी से बचाव के लिए इस तरह अलग ही उपाय ढूंढने पड़ते हैं। पानीपत के बबैल गांव के पास ठंड से बचने के लिए एक-दूसरे से चिपककर गर्माहत लेते बंदर।

पिछले दिनों खेत में जमा पाला। 

पानीपत के ग्रामीण क्षेत्र में कोहरा।

ठंड के बीच गाजर का हलवा बनाती महिला।

मूंगफली को साफ करता दुकानदार।

बारिश के बीच भेंड़ों को ले जाता चरवाहा।

कैथल में बारिश।

रेल परिचालन बाधित

पिछले कुछ दिनों से कोहरे के कारण रेल परिचालन बाधित हुआ है। कई ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से गंतव्य स्थान पर पहुंच रही हैं। सर्दी के मौसम में पटरियों में दरारें आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए रात में गश्त भी बढ़ाई गई है। सिग्नल प्रणाली की भी नियमित जांच की जा रही है।

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Edited By: Anurag Shukla