जागरण संवाददाता, पानीपत : बारिश रुकने के दूसरे दिन भी शहर में निकासी दुरुस्त नहीं हो पाई। इस कारण जगह जगह जलभराव के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कहीं गड्ढे के बीच झटके लगने पर वाहन के पुर्जे टूटे तो कहीं कोई गिरकर चोटिल हुआ। वहीं रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास भी लबालब हैं जिस कारण रेलवे लाइन पार कालोनी वासियों को दूर-दूर से घूमकर जाना पड़ रहा है। नगर निगम की तरफ से निकासी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नई अनाज मंडी

अनाज मंडी में निकासी को लेकर नाले बनाए गए हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण सड़कों पर पानी जमा है। वीरवार को भी मंडी के अंदर गेट व सड़क पर बरसात का पानी जमा होने के कारण मंडी आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आजाद नगर फाटक की तरफ वाले रास्ते पर भी जमा पानी ने लोगों को परेशान किया।

परशुराम चौक

रोहतक से पानीपत रोड पर शुगर मील के सामने आजाद नगर फाटक जाने वाले रास्ते पर परशुराम चौक के पास सड़क पर जमा पानी के बीच से लोगों को दिन भर निकलना पड़ा। पानी में गड्ढे दिखाई न देने पर कई बार दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल भी हुए। वहीं झटका लगने पर आटो का पुर्जा तक टूटकर टायर निकल गया। गनीमत ये रही की पलटने से बच गया। इसके अलावा भी सड़क निर्माण चौड़ीकरण के चलते बराबर से खोदे जाने वाले हिस्से में पानी जमा होने से लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो चला है।

सेक्टर 11-12

शहर के पाश एरिया कहलाने वाले हुडा सेक्टर 11-12 में भी पानी निकासी की व्यवस्था दुरूस्त नहीं है। जिस कारण बारिश बंद होने के दूसरे दिन भी मैन रास्ते पर पानी जमा रहा। लोगों को दिन भर आने जाने में दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं कीचड़ से भी वाहन सवार परेशान रहे। सड़क किनारे सीवरेज के ढक्कन खुले होने पर हादसे होने का खतरा बना हुआ है। लेकिन किसी का कोई ध्यान नहीं है।

अंडरपास भी पानी से भरे

शहर में रेलवे लाइन के पार भी दर्जनों कालोनियों में हजारों लोग रहते हैं। उनके आवागमन को लेकर फ्लाईओवर के अलावा रेलवे लाइन के नीचे से अंडरपास भी बने है। इनमें गोहाना रोड, असंध रोड व लघु सचिवालय के पास है। लेकिन बारिश होने के बाद से तीनों अंडरपास में पानी जमा है। गोहाना रोड वाले अंडरपास से तो लोग निकल तक नहीं पा रहे हैं। ऐसे में उसके साथ लगते आठ मरला, आरके पुरम, न्यू आरके पुरम, शुगर मील व पावर हाउस कालोनी वासियों को अंडर पास की बजाय ऊपर फ्लाईओवर से घूमकर आना पड़ रहा है। इसी तरह अन्य कालोनी वासियों का है। लाखों खर्च फिर भी परेशानी

शहर वासी मनोज कुमार, सौरभ, कुलदीप, कमल, राजबीर आदि का कहना है कि नगर निगम की ओर से शहर की सफाई व निकासी व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च करता है। नगर निगम से लेकर निजी कंपनियों के कर्मचारी लगे हैं। लेकिन व्यवस्था सुधर नहीं पा रही है। नाले व नालियों से लेकर ड्रेन तक गंदगी से अटी पड़ी है। ऐसे में जरा सी बारिश होते ही शहर में जल भराव हो जाता है। गलियां व सड़कें तालाब में तबदील हो जाती हैं। लोगों का कहना है कि निगम अधिकारी शहर की निकासी को लेकर गंभीर नहीं है। धरातल पर कम और कागजों में ज्यादा काम किए जा रहे हैं।

Edited By: Jagran