कैथल, जागरण संवाददाता। जन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिले के सभी राजकीय स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसको लेकर जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों पर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह हार्वेस्टिंग सिस्टम उन स्कूलों में बनाए जाएंगे। सभी 600 स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाएं जाएंगे।

बता दें कि जल्द ही मानसून आने वाला है। जिसके तहत जल संरक्षण को लेकर जिले में तैयारियां शुरू की गई हैं। डीईओ का कहना है कि सरकार के आदेशों के स्कूलों में भी जल संरक्षण काे कार्य किया जा रहा है। जिसके वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं। स्कूलों में यह कार्य शुरू भी करवा दिया गया है। बता दें कि इस समय कोरोना महामारी के कारण स्कूलों में विद्यार्थी नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने यहां पर जल संरक्षण को लेकर रणनीति बनाई है।

यह होगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का स्वरूप

राजकीय स्कूलों में बनाए जाने वाले रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की तीन फीट लंबाई और चौड़ाई भी तीन फीट की होगी। जबकि वाटर को स्टोरेज करने के लिए दो फीट का गड्ढा बनाया जाएगा। यह स्कूल में उस जगह बनाया जाएगा। जहां स्कूल में बरसात का पानी इक्ट्ठा होता है।

अगले महीने से मानसून शुरू हो जाएगा। मानसून के समय होने वाली बरसात का जल संचित नहीं हो पाता है। इसलिए शिक्षा विभाग का यही प्रयास है कि राजकीय स्कूलों में यह जल संचित हो सके। क्योंकि राजकीय स्कूलों में जल को संचित करने के लिए काफी जगह होती है। जिस कारण स्कूलों में बरसात का पानी को संचित किया जा सकता है। सभी 600 सरकारी स्कूलों में जल संचित करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण के आदेश जारी किए गए है। इनमें से कुछ स्कूलों में इसका निर्माण पूरा भी हो चुका है।

अनिल शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल।

Edited By: Anurag Shukla