जागरण संवाददाता, समालखा : विजिलेंस ने राजकीय स्कूलों में बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाले वजीफे, स्टेशनरी, वर्दी और बैग वितरण घोटाले की जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस द्वारा रिकॉर्ड तलब करने से स्कूल मुखियाओं में हड़कंप है। विजिलेंस की टीम ने सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर पहुंचकर राजकीय स्कूलों के बच्चों से संबंधित रिकॉर्ड लिया और वापस चली गई।

उल्लेखनीय है कि 2014 से पहले राजकीय स्कूलों में बच्चों के डाटा रखने का काम मैनुअल था। इसके बाद सरकार ने इसे ऑनलाइन कर दिया। आधार के साथ बच्चों के एसआरएन (स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन नंबर) ऑन लाइन करने के आदेश दिए। इससे बच्चों की संख्या में भारी कमी आ गई। उसके बाद सरकार ने 2014-15 और 2015-16 के सामानों व वजीफों की जांच विजिलेंस को सौंप दी। सरकार से निशुल्क मिलते हैं बैग, स्टेशनरी, वर्दी

राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सरकार से वर्दी, बैग और स्टेशनरी मुफ्त में मिलती है। एससी, बीसी और बीपीएल बच्चों को वजीफा भी दिया जाता है। बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने से सरकार पर अधिभार पड़ता है। उपलब्ध करा दिए रिकॉर्ड: बीईओ

बृजमोहन गोयल ने कहा कि विजिलेंस को पूरे खंड के 77 स्कूलों से संबंधित 2014 से 16 तक के आंकड़े उपलब्ध करवा दिए गए हैं। उनके यहां बच्चों की संख्या में ज्यादा उलटफेर नहीं है। आधार नंबर नहीं उपलब्ध कराने के कारण कक्षा अनुसार दो-चार बच्चों की संख्या घटी है।

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Posted By: Jagran