जागरण संवाददाता, पानीपत : आर्य पीजी कालेज में मंगलवार को कोरोना वैक्सीनेशन नहीं होगा। परीक्षा और क्लास शुरू होने की बात कहकर कालेज प्रबंधन ने जगह देने से इन्कार कर दिया है। सिविल अस्पताल की नई बिल्डिग के रूम नंबर 101 (सीटी स्कैन सेंटर के पास) में टीकाकरण होगा। बता दें कि पुरानी बिल्डिग से टीकाकरण केंद्र आठ जुलाई को ही आर्य कालेज में शिफ्ट किया गया था।

वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डा. मनीष पासी ने बताया कि अब तक 2.64 लाख 09 लाभार्थियों को पहली डोज लग चुकी है। 58 हजार 512 ने दूसरी डोज भी लगवा ली है।सोमवार को 1408 लोगों को टीका लगाया गया। 18 से 44 साल आयु वर्ग में 894 ने पहली, 192 ने दूसरी डोज लगवाई। 45 साल या इससे अधिक आयु वर्ग में 109 ने पहला, 213 ने दूसरा टीका लगवाया।

मंगलवार को पहली-दूसरी, दोनों डोज लगाई जाएंगी। डा. पासी ने बताया कि सरकार से मिली वैक्सीन सभी अर्बन पीएचसी में बराबर वितरित की गई हैं। कोरोना से एक रिकवर, शून्य पाजिटिव

सिविल सर्जन डा. जितेंद्र कादियान ने बताया कि सोमवार को कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। एक रिकवर हुआ है। जिला में अब तक मिले 31 हजार 75 पाजिटिव केसों में से 30 हजार 428 रिकवर हो चुके हैं। 10 केस एक्टिव हैं और 637 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। सैंपलिग रेडियोलाजी ब्लाक में

सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिग से सैंपलिग सेंटर नई बिल्डिग के रेडियोलाजी ब्लाक (आयुष्मान भारत विडो के पास) शिफ्ट कर दिया है। यहां एक केबिन बनाया गया है, सोमवार को आशंकित मरीजों के इस केबिन में ही सैंपल लिए गए। ईएसआइ में देखेंगे जगह

अस्पताल की पुरानी बिल्डिग टूटनी है। नतीजा, स्वास्थ्य विभाग को जगह की कमी सताने लगी है। स्वाब सैंपलिग सेंटर और वैक्सीनेशन केंद्र बनाने के लिए ईएसआइ अस्पताल में भी जगह तलाशी जा रही है। अच्छा माहौल मिले तो हो सैंपलिग

सिविल अस्पताल में स्वाब सैंपलिग एक केबिन में शिफ्ट करने से ड्यूटी कर रहे चिकित्सक नाराज दिखे। केबिन में एसी कूलर का प्रबंध नहीं है। गर्मी के कारण उसमें पर्सनल प्रोटेक्टिव एक्विमेंट (पीपीई) किट पहन बैठना मुश्किल है। सोमवार डाक्टर सैंपलिग के नोडल अधिकारी डा. ललित वर्मा से मिले। चिकित्सक का कहना था कि अनुकूल माहौल मिले तभी सैंपलिग संभव है। चिकित्सक ने ड्यूटी हटाने की गुहार भी लगाई। अब सैंपलिग स्टाफ की होगी कमी

स्वाब सैंपलिग में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) से जुड़े चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगी हुई है। इसी सप्ताह स्कूल खुलने हैं। नतीजा, आरबीएसके की टीम स्कूलों में बच्चों की सेहत जांचने में व्यस्त हो जाएगी। विभाग को सैंपलिग स्टाफ कमी की चिता अभी से सता रही है।

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