पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत के बाबरपुर गांव में गली से कार हटाने के विवाद में श्री संकट मोचन हनुमान सभा बाबरपुर में मारपीट हो गई। सभा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि एसआइ ने गाली-गलौज कर अपने बेटे के साथ मिलकर डंडों से हमला किया। जिससे हनुमान स्वरूप के मुकुट में लगा शीशा टूट गया।

दोनों पक्षों ने पुलिस को दी शिकायत

वहीं एसआइ ने पुलिस को बताया है कि उसने व बेटे ने मारपीट नहीं की है। दोनों पक्षों ने पुलिस को शिकायत दी है। श्री संकट मोचन हनुमान सभा बाबरपुर के सागर ने बताया कि मंगलवार शाम को मूर्ति व हनुमान स्वरूप के साथ पानीपत के कच्चा कैंप के फेरे लगाए। इसके बाद वे काबड़ी, कचरौली से होते हुए बाबरपुर पहुंचे। रात को करीब एक बजे उन्होंने अंसल सुशांत सिटी जाना था। इसलिए ट्रैक्टर-ट्राली से जाने का प्रोग्राम बनाया। वे शटर खोलकर अंदर ट्रैक्टर निकाल कर गली में ले आए।

गली में करनाल में तैनात एसआइ ने कार खड़ी कर रखी थी। उन्होंने कार हटाने का कहा। तैश में आकर एसआइ व उसका बेटा घर से बाहर आए और उनके हाथों में डंडे थे। एसआइ गाली-गलौज कर डंडे से हमला किया। जिससे हनुमान स्वरूप के मुकुट का शीशा टूट गया। एसआइ ने बेटे को कहा कि पिस्तौल निकाल कर लेकर आए। जिससे वे घबरा गए थे। आरोप है कि दो साल पहले भी एसआइ ने दूसरी हनुमान सभा वालों के साथ गाली-गलौज कर पिस्तौल से दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी।

तब भी आरोपित ने पंचायत में माफी मांगी थी। सागर ने बताया कि इस मामले को लेकर वीरवार को ग्रामीण इकट्ठे हुए और रोष जताया। पुलिस भी मौके पर आई थी। पुलिस को शिकायत दे दी है। इस बारे में सदर थाना प्रभारी रामनिवास का कहना है कि बाबरपुर का इएसआइ करनाल में तैनात है। गत रात्रि 11 बजे इएसआइ ड्यूटी से लौटकर घर पर सो गया था। तभी हनुमान सभा वालों ने कार हटाने को बोला। इएसआइ ने दूसरी कार हटाने के लिए कहा तो विवाद हो गया। इसआइ व उसके बेटे ने मारपीट नहीं की है। दोनों पक्षों ने शिकायत दी है। जिनका समझौता हो गया है।

Edited By: Naveen Dalal

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