पानीपत/करनाल, जेएनएन। करनाल में खाकी को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। पुलिसकर्मियों ने जांच के नाम पर गाड़ी को रोका। इसके बाद 15 लाख रुपये छीन लिए। पीडि़त निजी कंपनी का कर्मचारी है और कंपनी के रुपये लेकर जा रहा था। कर्मचारी ने कंपनी के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। खुद को फंसता देख आरोपितों ने रकम वापस कर दी।

कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट अतुल शर्मा की शिकायत पर दोनों आरोपित पुलिकर्मियों के खिलाफ सोमवार देर शाम भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

यह है मामला

दिल्ली लॉट्स ग्रुप ऑफ कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट साउथ ब्लॉक दिल्ली वासी अतुल शर्मा ने शिकायत दी कि उनकी ब्रांच पानीपत व यमुनानगर में भी है। जहां 24 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदारों को करना था। कंपनी का कर्मचारी रतन गुप्ता यह राशि लेकर जा रहा था। संबंधित ठेकेदार नहीं मिले तो रतन रकम लेकर वापस आ रहा था। करनाल में बलड़ी बाइपास के नजदीक पुलिसकर्मी जोगिंद्र सिंह और विक्रम ने उसे रोक लिया। आरोप है कि जांच के नाम पर गाड़ी रोकी और उससे 15 लाख रुपये और मोबाइल छीन लिया।

आज कोर्ट में किए जाएंगे पेश : डीएसपी

डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र सिंह  सैनी ने बताया कि दोनों आरोपित पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया तो उन्हें पुलिस लाइन से गिरफ्तार भी कर लिया है। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

करीब दो माह पहले ही एसए बना था जोगिंद्र 

ईएचसी जोगिंद्र दो माह पहले  सिविल लाइन थाना में एसए के तौर पर तैनात किया गया था। विक्रम रामनगर थाने में छोटे मुंशी के तौर पर कार्यरत है। एसएचओ सिविल लाइन विजय कुमार ने बताया कि शिकायत मिलते ही दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। अब मामले की जांच डीएसपी वीरेंद्र सिंह सैनी करेंगे। 

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