पानीपत, जेएनएन। हरियाणा के दो उम्मीदवारों पर दिल्ली वालों का दिल आ गया है। आप की टिकट पर दोनों न सिर्फ चुनाव लड़े, बल्कि जीत भी दर्ज की। कैथल के महेंद्र गोयल ने रिठाला विधानसभा और सफीदों के रामनरेश शाहदरा विधानसभा क्षेत्र से जीते।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की टिकट पर रिठाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे आम आदमी पार्टी के नेता महेंद्र गोयल ने करीब 14 हजार वोटों से जीत दर्ज की। गोयल दोबारा इस सीट से विधायक बने हैं। उनके विधायक बनने पर कैथल के शहरवासियों ने भी खुशी जाहिर की है। वजह साफ है। महेंद्र गोयल मूलरूप से कैथल के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव सौंगरी है। मंगलवार को केजरीवाल की हैट्रिक वाली सरकार में महेंद्र गोयल भी दूसरी बार विधायक बने हैं।

 mahendra

एक समय था जब रोजी रोटी के लाले थे

उनके संघर्ष के दिनों के साथी रहे सुभाष गोयल बताते हैं कि महेंद्र के पिता रतिराम टेलङ्क्षरग का काम करते थे। वे गांव से आकर यहां मॉडल टाउन में रहा करते थे। एक समय था जब उनके घर में रोटी तक के लाले पड़ गए थे। ऐसे वक्त में भी उन्होंने जरूरतमंदों और गरीबों की सेवा करना नहीं छोड़ा। 1983 में शहर में हिंदू सेवा समिति का गठन हुआ, जिसके अध्यक्ष सुभाष गोयल थे और महेंद्र गोयल सदस्य रहे। वे अस्पताल में सालों तक जरूरतमंदों को दूध और ब्रेड वितरित किया करते थे। 

1996 में चले गए थे दिल्ली

महेंद्र गोयल प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। सुभाष गोयल कहते हैं कि तीन-चार तक दोनों ने साथ में काम किया। 1996 में महेंद्र गोयल दिल्ली चले गए और कुछ समय बाद परिवार को भी साथ ले गए। संघर्ष के दिनों में उन्होंने यहां राशन डिपो भी चलाया। 

कैथल में आज भी सक्रिय

महेंद्र गोयल कैथल में होने वाले सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में आज भी सक्रीय भागीदारी निभाते हैं। श्रीग्यारह रुद्री मंदिर का कार्यक्रम हो या महाराजा अग्रसेन जयंती जैसे आयोजन वे यहां की संस्थाओं के बुलावे पर आते रहते हैं। शहर से भी लोग उनके चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली जाते हैं।  

ram

सफीदों के रामनिवास गोयल शाहदरा से दूसरी बार जीते

दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बंपर जीत में जींद जिले का प्रतिनिधित्व भी शामिल है। शाहदरा सीट से आप की टिकट पर दूसरी बार जीते रामनिवास गोयल जिले के सफीदों विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। सफीदों के पुराने बाशिंदे रहे रामनिवास गोयल ने दिल्ली की शाहदरा सीट पर भाजपा के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को करीब 7500 वोटों से परास्त किया है। रामनिवास की जीत पर अग्रवाल वैश्य समाज सफीदों व उनके परिवार के लोगों ने लड्डू बांटकर व पटाखे छुड़ाकर खुशी मनाई। रामनिवास गोयल पिछले कार्यकाल में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर थे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने उन पर फिर से विश्वास जताते हुए शाहदरा से उनको फिर से टिकट प्रदान किया तथा रामनिवास ने भारी मतों से जीत हासिल की। रामनिवास गोयल का परिवार सन 1964 तक सफीदों में रहा। उसके बाद यहां से दिल्ली चला गया था।

रामनिवास गोयल के पिता स्वर्गीय चतुभरुज गोयल सफीदों अनाज मंडी में आढ़त का व्यवसाय करते थे। तब रामनिवास सफीदों के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। रामनिवास ने राजनीति की शुरुआत संघ और भाजपा से की थी। इमरजेंसी के दौरान उन्होंने 18 महीने की जेल भी काटी थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लिया और सन 1993 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी रहे।

Posted By: Anurag Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस