पानीपत/करनाल, जेएनएन। प्रदेश में बिना परमिट के चलने वाली प्राइवेट बसों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूचनाओं के मुताबिक एक हजार से अधिक बसें हैं, जो बिना परमिट के यात्रियों ढोने में लगी हैं। प्रदेश के सभी अतिरिक्त उपायुक्त जिनके पास सचिव आरटीए का कार्यभार है, को निर्देश दिए गए हैं कि इन पर लगाम कसी जाए। यह बातें परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कही।

वह बुधवार को कर्ण लेक करनाल में प्रदेश के सभी महाप्रबंधकों और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा मुनाफा कमाने के लिए नहीं है। यह गरीब और सामान्य व्यक्तियों के लिए उपलब्ध करवाई गई सुविधा है। हरियाणा राज्य परिवहन सेवा देशभर में अपनी विशेष गरिमा रखती है। यह सच है कि वर्तमान में कुछ खामियों के कारण इस सेवा में कमी आई है। इन्हें दूर करने के लिए अधिकारियों से फीडबैक ली जा रही है। 

पर्याप्त बसे होना जरूरी

उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में बसों का होना जरूरी है, लेकिन पिछले पांच वर्षों में राज्य परिवहन के बेड़े में किन्हीं कारणों से नई बसें शामिल न होने की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री से चर्चा कर बसों की कमी को पूरा करने के प्रयास कर रहे हैं। 

करनाल में हुए टिकट फर्जीवाड़े की होगी जांच

करनाल में रोडवेज हड़ताल के दौरान सामने आए टिकट घोटाले के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने अधिकारियों की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि जिन जिलों में मैकेनिक या अन्य जरूरी स्टाफ की कमी है उसकी सूचना मुख्यालय को दें, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। 

परिवहन मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

कई जिलों में रोडवेज में कंडक्टर व ड्राइवर सरप्लस हैं तो कहीं स्टाफ की कमी है। इस कारण करीब 100 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। कर्ण लेक पर बुधवार को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन रॉय ने प्रदेश के सभी रोडवेज महाप्रबंधकों की बैठक ली तो यह यह बात सामने आई। इस पर परिवहन मंत्री ने सभी जिलों की रिपोर्ट मांगी। फरीदाबाद में 79 कंडक्टर सरप्लस हैं। सोनीपत में 172 बसों पर 366 कंडक्टर हैं। इस पर परिवहन मंत्री ने सभी जिलों को तीन दिन के अंदर स्टाफ की स्टेटस रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह के अंदर जहां पर स्टाफ की कमी है वहां से भेजा जा सकेगा। 

फायदे वाले रूटों पर बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं

परिवहन मंत्री ने सभी डिपो से फायदे वाले रूटों की भी डिटेल मांगी है। बैठक में एसी बसों का संचालन इन रूटों पर करने का सुझाव भी आया। हिसार से दिल्ली, सोनीपत से दिल्ली, रोहतक से दिल्ली एसी बसों का संचालन शुरू हो सकता है। 

घाटे में चल रही वोल्वो

मरम्मत नहीं होने के चलते वोल्वो बसें 7 रुपये प्रति किलोमीटर घाटे में चल रही हैं। जो बसें सात लाख किलोमीटर चलनी थीं वह 12 लाख किलोमीटर चल चुकी हैं। कंडम हो रही हैं। 

कर्मचारियों के बंद पड़े ओवरटाइम फिर से शुरू करने पर होगा विचार

रोडवेज महाप्रबंधकों ने कहा कि जब से ड्राइवरों व कंडक्टरों का ओवरटाइम बंद हुआ है, घाटा बढ़ा है। इसको दोबारा से शुरू करना चाहिए। 

वर्कशॉप 80 प्रतिशत काम अप्रेंटिस के भरोसे

प्रदेश के सभी डिपो की वर्कशॉप के हालात ठीक नहीं है। तकनीकी स्टाफ की कमी है। बसों की मरम्मत का 80 फीसद काम अप्रेंटिस करने आए युवाओं के हाथों में है। महाप्रबंधकों ने कहा कि यदि इसी अप्रेंटिस स्टाफ की मेरिट के आधार पर भर्ती की जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। दूसरा विकल्प आउटसोर्सिंग पर रखे जाने का हमारे सामने है। 

चार माह से कंडम बसों की नीलामी नहीं

अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन रॉय ने कहा कि रोडवेज डिपो में कई माह से कंडम बसों की नीलामी नहीं की गई है। इससे रोडवेज को घाटा होता है। इस मंत्री ने कहा कि सभी महाप्रबंधक एक सप्ताह के अंदर कंडम बसों की डिटेल बनाकर भेजें। कंडम बसों की माह के अंदर नीलामी हो जानी चाहिए। 

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