कैथल, जागरण संवाददाता।  31 मई को ट्रेनें प्रभावित रह सकती हैं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अखिल भारतीय स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर 31 मई को देश के सभी 35 हजार रेलवे स्टेशन मास्टर अपनी मांगों को लेकर एक दिन के सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। 31 मई को सामूहिक अवकाश के कारण एक दिन के लिए पूरे देश में रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

स्टेशन मास्टर एनके शर्मा व जयवीर दीक्षित ने बताया कि एसोसिएशन सात अक्टूबर 2020 से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। मांगों को लेकर सभी 35000 स्टेशन मास्टर रात्रि शिफ्ट में रेलवे स्टेशनों पर मोमबत्ती जला कर व एक सप्ताह तक काले बैज लगा कर ट्रेन संचालन जैसे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

आखिर में एसोसिएशन ने 31 मई को एक दिन का सामूहिक अवकाश लेने का फैसला लिया है। मांगों में मुख्य रूप से रेलवे की सभी रिक्तियों को शीघ्र रूप से भरना, सभी रेल कर्मचारियों को बिना किसी अधिकतम सीमा के रात्रि ड्यूटी भत्ता बहाल करना शामिल है। इसके अलावा स्टेशन मास्टरों के संवर्ग में एमएसीबी का लाभ 16 फरवरी 2018 के बजाय एक जनवरी 2016 से प्रदान करना व संशोधित पदनामों के साथ संवर्ग का पुनर्गठन करना शामिल है।

इसके अलावा मांगों में ट्रेनों के सुरक्षित व समय पर चलने में उनके योगदान के लिए स्टेशन मास्टरों को सुरक्षा व तनाव भत्ता दिया जाना, रेलवे के निजीकरण व निगमीकरण पर रोक लगाने के साथ साथ न्यू पेंशन स्कीम के बजाय पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करना शामिल है। सभी मांगें किसी न किसी रूप में सभी रेल कर्मचारियों की भावनाओं को छूती हैं।

एसोसिएशन के लंबे संघर्ष के बावजूद प्रशासन ने उनकी मांगों में से एक भी मांग पर गौर नहीं किया। जिसके परिणाम स्वरूप देश के सभी रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों ने एक दिन के सामूहिक अवकाश को फैसला लिया है।

Edited By: Anurag Shukla