पानीपत, [अरविंद झा]। मेरठ और पानीपत के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। आठ साल बाद पानीपत मेरठ लाइन का कार्य अब परवान चढऩे लगा है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद नार्दन रेलवे के वरिष्ठ अभियंता इस लाइन का एस्टीमेट फाइनल करने में लगे हैं। ब्रॉड गेज लाइन बिछने के बाद दो प्रांतों की दूरी कम हो जाएगी। अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।   

पानीपत मेरठ के बीच रेल नई बिछाने की घोषणा पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी ने वर्ष 2011 के रेल बजट में की थी। 190 रेल लाइनों में यह भी शामिल था। बारहवीं पंच वर्षीय योजना में इसे शुरू करने का प्रस्ताव भी बनाया गया। तकनीकी अड़चनों के चलते तीन साल तक फाइलों में दब रहा। केंद्र में सत्ता बदलने के बाद औद्योगिक नगरी पानीपत और मेरठ को रेलमार्ग से जोडऩे के लिए नए सिरे से पहल की गई। सर्वे कार्य फाइनल होने के बाद अब 92 किलोमीटर लंबी इस ब्रॉड गेज लाइन का एस्टीमेट बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। पानीपत और मेरठ के बीच 14 स्टेशन प्रस्तावित किए गए है। 

स्टेशनों के नाम
पानीपत-दीवाना-शिमला गुजरान-बापौली-तीतरवाड़ा-कांदला-एलम-गढ़ीराजपुर-जुलाना-बुढ़ाना-मुल्हेड़ा-बरदाना-दोराला और मेरठ।   

2016 के बजट में राशि आवंटित 
नई रेल लाइन के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में भारी भरकम राशि आवंटित की गई थी। पानीपत से मेरठ के बीच नई रेल लाइन का सर्वे कराने के लिए एक करोड़ की राशि उप मुख्य अभियंता शिवाजी ब्रिज के खाते में ट्रांसफर किए थे। 

दो सांसदों के प्रतिष्ठा का सवाल 
पानीपत मेरठ लाइन दो सांसदों के प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। मुजफ्फनगर से सांसद डॉ. संजीव बालियान इसे वाया सरधना कुशवाली गांव के जंगल और बुढ़ाना होकर निकलवाना चाहते हैं। दूसरी तरफ बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह अपने संसदीय क्षेत्र बागपत से होकर यह लाइन बिछवाना चाहते हैं। सांसद ने दावा किया है कि बागपत जिले में टीकरी और दाहा दो स्टेशन प्रस्तावित है। हालांकि उत्तर रेलवे ने जो रुट फाइनल किया है उनमें इन दोनों स्टेशनों का नाम फिलहाल शामिल नहीं है। बागपत क्षेत्र के 25 गांवों के ग्रामीणों ने बीते 20 दिसंबर 2018 को रेलमंत्री से इस बारे में मुलाकात भी की थी। 

बस का किराया 125 रुपये
सड़क मार्ग से पानीपत से मेरठ की दूरी लगभग 119 किलोमीटर है। बस का किराया 125 रुपये है। वर्तमान में पैसेंजर ट्रेन से 120 किमी तक का सफर 50 रुपये में पूरा होता है। मेल एक्सप्रेस में 110-120 रुपये किराया देना होता है। इस लिहाज से मेरठ जाने वाले रेल यात्रियों के लिए सफर किफायती होगा।

व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे 
पानीपत में हैंडलूम और कंबल का कारोबार है। मेरठ भी वस्त्र और खेल के सामानों के लिए मशहूर है। लाइन बिछ जाने के बाद दोनों शहरों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे। उद्योगपतियों की मानें तो पानीपत से प्रतिदिन 200 टन माल मेरठ जाता है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021