जागरण संवाददाता, करनाल। सीएम सिटी करनाल में दर्दनाक हादसा हो गया। गांव उच्चानी में शनिवार शाम को उस समय मातम पसर गया जब महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे बारिश के पानी में दो मासूम डूब गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गांव सरफाबाद माजरा से अपने मामा संजय के घर आए हुए थे। एक बच्चा आगरा का तो दूसरा करनाल का रहने वाला है। 

जानकारी के मुताबिक, करीब 11 वर्षीय कृष्णकांत वासी गांव साहरा जिला आगरा, उत्तर प्रदेश से करीब एक माह पहले गांव अचानी में अपनी मां के साथ मामा के घर आया हुआ था। वहीं करीब 9 वर्षीय जस्सी चार दिन पहले ही गांव सरफाबाद माजरा से अपनी मां के साथ यहां मामा के घर आया था। वह परिवार का इकलौता चिराग था। दोनों मासूम पांच-छह अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए खोदे जा रहे गड्डों के पास पहुंच गए।

खेलते-खेलते 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबे

बताया जा रहा है कि बच्चे खेलते-खेलते पानी के करीब 15 फीट गहरे गड्डे में गिर गए। उन्हें डूबता देख अन्य बच्चे डर गए और वे वापस घर लौट गए। बाद में स्वजनों को पता चला तो वे मौके पर पहुंचे और पहले कृष्ण कांत को निकाला गया, जिसके करीब 20 मिनट बाद जस्सी भी मिला। दोनों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मिट्टी की जांच के लिए खोदे थे गड्ढे

उधर विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. समर सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए संबंधित कंपनी द्वारा मिट्टी जांच के लिए ये गड्डे खोदे गए थे, जिनके चारों ओर मिट्टी भी पड़ी थी। हालांकि इनके चारों ओर तारें आदी नहीं लगाई गई, लेकिन अचानक ही यह हादसा हो गया।

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Edited By: Umesh Kdhyani