कैथल/कलायत, जेएनएन। पहले से ही गरीबी के मारे तीन अनुसूचित परिवारों के तीन लाल काल कलवित होने से कलायत शहर शोक में डूबा है। परिवार व सगे-संबंधी विलाप कर रहे हैं। वार्ड एक निवासी सन्नी पाल पुत्र कृष्ण, इंदिरा कालोनी निवासी सन्नी गागट पुत्र राजेश और इसी कालोनी के निवासी अंकित पुत्र मदन की आपस में गहरी दोस्ती थी। 20 से 22 आयु वर्ग के तीनों कुंवारे युवाओं को नहीं मालूम था कि जिस गाड़ी में सवार होकर वह अपने कैथल निवासी मित्र गुरमीत को घर छोड़ने जा रहे हैं, यह उनकी अंतिम यात्रा होगी।

जिस दौरान गाड़ी में हादसा हुआ, उस समय इसमें छह युवक सवार थे। गेहूं के सीजन में ये युवा अनाज मंडी में पल्लेदारी से परिवार की रोजी-रोटी में अपना सहयोग देते थे। अचानक उठे दाना-पानी ने प्रभावित परिवारों को हिलाकर रख दिया है। बताया जा रहा है कि सामने से वाहन आने से संतुलन बिगड़ गया और भयंकर हादसे में तीन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दीपक पुत्र सिंदा, संजय उर्फ संजू पुत्र रमेश और संजू के मामा का लड़का गुरमीत जख्मी हो गए। इनका उपचार कैथल स्थित अस्पताल में चल रहा है।

मां का छिन गया बुढ़ापे का सहारा

वार्ड एक निवासी मृतक सन्नी के पिता कृष्ण का पहले ही निधन हो चुका है। बुजुर्ग विधवा मां राजपति ही दो बेटी और दो बेटों की जिम्मेदारी संभाल रही थी। बुढ़ापे का सहारा छिन जाने की घटना ने उसे हिलाकर कर रख दिया है। बार-बार अचेत हो रही मां को परिवार और सगे-संबंधी संभालने में लगे हैं। इंदिरा कालोनी के मृतक सन्नी के पिता राजेश दिहाड़ी-मजदूरी से परिवार का गुजर बसर करते आ रहे हैं। दो पुत्र, एक पुत्री और पत्नी सहित राजेश कुमार के हंसते-खेलते परिवार को हादसे ने आंसुओं के सैलाब में डूबा दिया है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि सन्नी व उसके साथी अब दुनिया में नहीं है। तीसरे मृतक अंकित के पिता मदन की मौत हो चुकी है। चाचा सुरेंद्र भी दिहाड़ी से दो जून की रोटी जुटाते आए हैं। घर का चिराग बुझ जाने से यह परिवार भी गहरे सदमे में है।

संगठनों ने युवाओं के निधन पर जताया शोक

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों का कलायत स्थित श्मशान भूमि में जब संस्कार किया गया तो हर तरफ रुदन की गूंज थी। जो दोस्त हमेशा साथ-साथ रहते थे वे एक साथ ही दुनिया से विदा हुए। इस दृश्य ने हर किसी को कचोट कर रख दिया। तीनों युवकों के निधन पर धारि्मक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। नगर पालिका की पूर्व चेयरपर्सन रजनी राणा ने पार्षदों के साथ प्रभावित परिवारों को शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की अपील की है।

19 दिन में गई 12 जानें 

कलायत पर अप्रैल माह दिन-प्रतिदिन भारी पड़ता जा रहा है। 19 दिन में 12 चिताएं श्मशान भूमि में जल चुकी हैं। इनमें युवाओं फेहरिस्त लंबी है। इस प्रकार की घटनाओं को लेकर हर कोई शांति की कामना कर रहा है।

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