अंबाला, जागरण संवाददाता। ट्रेनों में एसी की वेटिंग की लगातार बढ़ रही है। यात्री ट्विट के माध्यम से भी रेलवे को ट्रेनों में एसी कोच की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार आग्रह कर रहे हैं। वहीं एसी कोच लगाने से स्लीपर कोच की संख्या ट्रेनों में लगातार कम होती जा रही है। ऐसी ही दो अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में स्लीपर क्लास की संख्या घटाकर अब एसी बोगियां बढ़ाने की तैयारी रेलवे ने आरंभ कर दी है।

रेलवे का दावा है कि यात्रियों की तरफ से स्लीपर श्रेणी के कोच को एसी तृतीय श्रेणी में अपग्रेड करने की लगातार डिमांड आ रही है। जबकि ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी की वेटिंग भी 200 से कम नहीं है। रेलवे 22 कोच वाली ट्रेन में 10 से 12 स्लीपर कोच, चार से पांच जनरल, एक रसोई यान, दो से तीन एसी तृतीय और एक से दो एसी द्वितीय श्रेणी के कोच लगाती है।

अब रेलवे अपनी आय बढ़ाने के लिए स्लीपर के कोच की संख्या लगातार कम कर उसकी जगह एसी तृतीय श्रेणी के कोच बढ़ा रहा है। रेलवे ने सितंबर माह से गोरखपुर-जम्मूतवी और भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस में स्लीपर के एक कोच को हटाकर एसी तृतीय श्रेणी के दो कोच लगाने का फैसला किया है। यात्रियाें को यह सुविधा 1 सितंबर से मिलनी आरंभ हो जाएगी।

एसी कोच लगने से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद भी बंध जाएगी। सितंबर माह से ट्रेन नंबर 12587 गोरखपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की संख्या 5 और तृतीय एसी कोच की संख्या 10 हो जाएगी। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 15097 भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की संख्या 5 और तृतीय एसी कोच की संख्या भी 10 हो जाएगी।

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि समय-समय पर ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया पर स्लीपर क्लास के यात्री एसी तृतीय कोच लगाने की डिमांड करते हैं। उनको अपग्रेड करने के लिए ही स्लीपर को कम करके एसी तृतीय और एसी तृतीय इकोनोमी कोच की संख्या बढ़ाई जा रही हैं।

Edited By: Anurag Shukla