जागरण संवाददाता, पानीपत : सीएम यात्रा के विरोध में मांगे पूरी नहीं होने से नाराज किसान शुक्रवार को डीसी सुमेधा कटारिया को ज्ञापन देने पहुंचे। अधिकारियों के आदेशों पर गेट बंद हुआ तो धूप में बैठ कर नारेबाजी की। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ता ही प्रधान कुलदीप बलाना से असंतुष्ट नजर आए। दबी जुबां से रोष जताकर वापस लौट गए।

एक माह पहले हुए भारतीय किसान यूनियन के चुनाव के बाद किसानों के प्रदर्शन में एकजुटता नहीं दिखी। प्रधान कुलदीप बलाना ने बताया कि शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह मान की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। सरकार ने आज तक किसानों की सभी मांगों को पूरा नहीं किया। जिसका विरोध किसान रविवार को निकलने वाली सीएम यात्रा में जाहिर करेंगे। 40 हजार किसानों को पेमेंट करने के बावजूद भी कनेक्शन नहीं देने पर चिता जताई। चिलचिलाती धूप में तहसीलदार डॉ. कुलदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर ऋषिपाल नांदल, तेजपाल रावल, कर्ण सिंह, जयपाल कुराना, पूर्व प्रधान चूहड़ सिंह, प्रताप माजरा व सत्यनारायण बांगड़ मौजूद रहे। पहले बुलाए पांच प्रतिनिधि, फिर भेजे तहसीलदार

किसानों के प्रदर्शन का पता चलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने सीआइडी के माध्यम से पांच प्रतिनिधियों को भेजने का मैसेज प्रधान तक पहुंचा दिया। चंद मिनटों के भीतर ही ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार डॉ. कुलदीप सिंह को नीचे भेज दिया। कार्यकर्ताओं में दिखी टीस, कहा डीसी को बुलाओ

तहसीलदार डॉ. कुलदीप सिंह के नीचे आते ही कुछ कार्यकर्ता बिफर गए। प्रधान कुलदीप बलाना को डीसी सुमेधा कटारिया या एडीसी प्रीति को नीचे बुलाने के लिए कहा, लेकिन प्रधान ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस