जागरण संवाददाता, समालखा :

भापरा राजकीय प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाने का मुद्दा गर्म होता जा रहा है। नगरपालिका में सुनवाई नहीं होने पर यह मामला एसडीएम दरबार पहुंच गया है।

राजकीय प्राथमिक पाठशाला भापरा में 352 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी बच्चे गरीब और मध्यम परिवार से हैं। स्कूल में पीने के पानी की समस्या है। बच्चों को मिड डे मील की टोटी पर पानी पीना पड़ता है। नपा ठेकेदार ने छह माह में डी प्लान से यहां टंकी का काम पूरा किया है। एक सप्ताह पहले पानी कनेक्शन जोड़ा। गंदे पानी की निकासी नहीं की। टंकी के ऊपर प्लास्टिक का ढक्कन लगा दिया। टोटी की साइज बड़ी कर दी। समस्याओं के कारण शिक्षक उसे चालू नहीं कर रहे हैं। बच्चों को इकलौता पुरानी टंकी पर पानी पीना पड़ रहा है। वहीं शिक्षक घर से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं। नपा अधिकारी से शिकायत के बाद समाधान नहीं होने पर शिक्षकों को एसडीएम के दरबार में जाना पड़ा।

सामान की गुणवत्ता पर सवाल शिक्षकों का कहना है कि टंकी पर रखे ढक्कन प्लास्टिक का है, जो बहुत कमजोर है। उसे जाम भी नहीं किया गया है। स्कूल में बंदरों का आना जाना रहता है। गंदे पानी की निकासी नहीं होने से वह टंकी के भीतर जमा रहेगा, जिससे बीमारी फैलेगी। उन्होंने टाइलों और टोटियों की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया है। जल्द दूर होगी समस्या : एसडीएम

साहिल गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को ही मामला संज्ञान में आया है। जल्द ही इसका समाधान कराया जाएगा। बच्चों को पीने का साफ पानी मुहैया कराया जाएगा। अधूरे काम पूरे किए जाएंगे। टंकी तैयार हो जाने और किसी तकनीकी अधिकारी के मौके पर देखने नहीं जाने की बात सुनकर उन्होंने हैरानी व्यक्त की।

Posted By: Jagran

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