पानीपत, [जगमहेंद्र सरोहा]। मतदान खत्म हो गया है। अब हर किसी को परिणामों का इंतजार है। इस बार जागरूकता के तमाम प्रयासों के बाद भी अपेक्षाकृत मतदान नहीं हो सका। कम मतदान से जिले की चारों सीटों पर हार-जीत के अंतर के समीकरण बदलने तय हैं। सबसे कम मतदान शहरी सीट पर 55.50 फीसद ही हो सका। यह पिछले विस चुनाव से 12.59 फीसद कम रहा। जिले में 67.56 फीसद मतदान हो पाया। 2014 के विस चुनाव में 75.62 फीसद था। इस बार 8.06 फीसद मतदान घटा है। इसराना विधानसभा क्षेत्र ऐसा मिला जहां जिले का सबसे अधिक 90.85 और सबसे कम 22.33 फीसद मतदान एक बूथ पर हुआ। राजनीतिज्ञ पंडितों की माने तो मतदान का कम या अधिक होना चुनावी समीकरणों को बदलने वाले होते हैं।

शहर में 12.59 कम मतदान

पानीपत शहर में 55.50 फीसद मतदान हुआ। जिला निर्वाचन कार्यालय से जागरूकता के सबसे अधिक कार्यक्रम शहर में ही किए थे। यहां पिछले चुनाव से मतदान बढ़ने की उम्मीद थी। मतदान इसके उलट रहा और 12.59 फीसद गिर गया। 2014 में 68.09 फीसद मतदान हुआ था। शहर में टॉप मतदान एसडी कॉलेज की नॉर्थ ¨वग स्थित बूथ में 76.51 फीसद मतदान हुआ। सबसे कम मतदान एनएफएल स्थित पाइट संस्कृति स्कूल के राइट साइड बूथ पर 22.88 फीसद हुआ। यहां पर भाजपा प्रत्याशी प्रमोद विज की एक लाख या इससे अधिक वोटों से जीत के दावे किए गए थे। यह पर दावा अब घट गया है।

विधानसभा चुनाव पूर्ण होने के बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (इवीएम) और वोटर वैरिफियेबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपैट) मशीनों की सुरक्षा के लिये तीन घेरे बनाये गए हैं। प्रत्येक मतगणना केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। ताकि किसी भी गड़बड़ी की आशंका न रहे।

एसपी सुमित कुमार बताया कि इवीएम और वीवीपैट मशीनों की सिक्योरिटी के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। स्ट्रांग रूमों में रखी गई मशीनों की निगरानी के लिये पुलिस और अद्ध्र्रसैनिक बल 24 घंटे तैनात किये गए हैं। इवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया गया है। सुरक्षा की पहले घेरे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को स्ट्रांग रूमों के बाहर तैनात किया गया है। हरियाणा सशस्त्र पुलिसबल के जवान दूसरे घेरे में तैनात हैं।

पानीपत ग्रामीण में जीत के अपने-अपने दावे

पानीपत ग्रामीण विधानसभा में 68.30 फीसद मतदान हुआ। यहां सबसे अधिक चंदौली में 89.82 और सबसे कम ददलाना में 24.66 मतदान हुआ। विधानसभा में इस बार 68.30 फीसद मतदान हुआ। 2014 में यहां 76.09 फीसद था। इस बार मतदान 7.79 फीसद घटा है। विधानसभा में 165282 लोगों ने मतदान किया है। कॉलोनियों में 54 और गांवों में यह 86 प्रतिशत होने का अनुमान है। जननायक जनता पार्टी के प्रत्याशी देवेंद्र कादियान ने अपनी 25-30 हजार वोटों से जीत का दावा किया है। भाजपा के महीपाल ढांडा इस बार भी बड़ी जीत का दावा कर रहे हैं।

समालखा में भाजपा व कांग्रेस के बीच फंसा चुनाव

समालखा विधानसभा में 74.98 फीसद मतदान हुआ है। यहां पर 6.91 फीसद घटा है। पिछले विस चुनाव में 81.89 फीसद हुआ था। समालखा में सबसे अधिक कुराड़ गांव में 88.62 और समालखा में सबसे कम 51.13 फीसद हुआ। यहां भाजपा के शशिकांत कौशिक और कांग्रेस के धर्मसिंह छौक्कर के बीच चुनाव फंसा नजर आ रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली के बाद समीकरण बदलने लगे थे। दोनों अब अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।

इसराना में पंवार और बलबीर के बीच मुकाबला

इसराना विधानसभा में 72. 90 फीसद मतदान हुआ। यहां 4.31 फीसद कम मतदान हुआ। 2014 के विस चुनाव में यहां पर 77.21 फीसद हुआ था। इसराना में सबसे अधिक राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल अहमदपुर माजरा में 90.85 प्रतिशत मतदान हुआ। डीएवी पब्लिक स्कूल थर्मल कॉलोनी में सबसे कम 22.33 फीसद मतदान हुआ। यहां पर हार-जीत का अंतर 10-15 हजार हो सकता है। परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार 8 से 10 हजार मतों से जीत का दावा किया है। कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि ने 10 हजार से अधिक की जीत का दावा किया है।

कादियान के बूथ पर सबसे अधिक मतदान

भाजपा के शहरी प्रत्याशी प्रमोद विज ने 114 नंबर बूथ पर मतदान किया था। यहां पर 51.43 फीसद मतदान हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी संजय अग्रवाल ने 147 नंबर बूथ पर मतदान किया। यहां का 56.78 फीसद मतदान रहा। सांसद संजय भाटिया के बूथ पर 68.37 फीसद मतदान हुआ। रोहिता रेवड़ी ने 149 नंबर बूथ पर मतदान किया। यहां 49.69 फीसद मतदान हुआ। ग्रामीण से जजपा प्रत्याशी देवेंद्र कादियान के सिवाह गांव के 211 नंबर बूथ 79.07 मतदान हुआ। महीपाल ढांडा के 103 नंबर बूथ 61.06 प्रतिशत मतदान हुआ।

Posted By: Anurag Shukla

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