पानीपत, जेएनएन। वो बिहार से आया था पानीपत। तब हालत बेहद तंगहाल थी। मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर शुरू किया। धीरे-धीरे जी तोड़ काम कर विश्‍वास जीता और ठेकेदार बन गया। उसकी यही तरक्‍की उसके ही नौकर को देखी नहीं गई। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्‍या कर दी।

बिहार के जिला नवादा के गांव जिरहया निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसका बड़ा भाई महराणा में रहता था। उसके भाई ने बिंझौल गांव के पास स्थित देवगिरी फैक्ट्री में बाथमेट की क्लिपिंग और पैकिंग का ठेका ले रखा था। दो साल पहले उसका भाई एक महीने के लिए गांव चला गया था। यहीं पर बिंझौल का सोनू पहले भाई के पास काम करता था। तभी सोनू ने ठेका खुद ले लिया। फैक्ट्री मालिक ने पांच महीने बाद काम ठीक न करने पर सोनू से ठेका लेकर फिर से उसके भाई को दे दिया था। इससे सोनू रंजिश रखता था।

खाते से रुपये निकाले और चेन भी लूटी
गत गुरुवार को उसके भाई संतोष कुमार बाइक से विकास नगर में भांजी अंजू को लेने जा रहे थे। तभी संतोष का ईको कार से अपहरण कर लिया। उसने सोनू पर शक जताया था। पुलिस ने सोनू व उसके साथी बिंझौल के सुनील को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वे टूट गए। दोनों की निशानदेही पर डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार वत्स और थाना चांदनी बाग प्रभारी नवीन सिंधू  ने दिवाना के किसान पृथ्वी के खेत से संतोष का शव बरामद कर लिया। उसके हाथ कपड़े और पैर शाल से बांध रखे थे। नाक, मुंह व कान से खून बह रहा था। आरोपितों ने संतोष के खाते से 95 हजार रुपये निकाले और उसकी सोने की चेन, अंगूठी और 50 हजार रुपये भी लूट लिये। डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार वत्स ने बताया कि पहले अपहरण का मामला दर्ज है। इसमें हत्या सहित कई धारा जोड़कर हत्या आरोपित सोनू व सुनील को गिरफ्तार कर लिया है।

Posted By: Ravi Dhawan

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