पानीपत [विजय गाहल्याण]। चार बदमाशों ने जिले की अब तक की सबसे बड़ी लूट को अंजाम दे दिया। अपनी पुलिस एक बार फिर नाकाम रही और सीसीटीवी कैमरे खंगालने तक सीमित रह गई। यहां कैमरे भी दगा दे गए। बदमाश इतने शातिर थे कि उन्होंने एलिवेटेड हाईवे के  नीचे पार्किंग में खड़ी कई कारों में से दिल्ली के ज्वैलर्स की कार को निशाना बनाया।

प्रशासन ने जीटी रोड पर एलिवेटेड हाईवे के नीचे बस अड्डा, लालबत्ती चौक, गोहाना मोड़ तक सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। लालबत्ती चौक पर लगे आठ सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। इसी का फायदा बदमाशों ने उठाया। बदमाशों ने दिल्ली के ज्वैलर्स राधा कृष्ण (आरके बंसल) और उनके सहायक राकेश वर्मा से लूट कर डाली और उस दिशा में फरार हुए जहां सीसीटीवी की नजर नहीं थी। 

नौकरों से पूछताछ
पुलिस ने मानसरोवर शोरूम के बाहर लगे दो सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इन कैमरों का मुंह शोरूम के गेट के पास जीटी रोड की तरफ था। पार्किंग कैमरों की जद में नहीं थी। पुलिस नागपाल वॉच एजेंसी, नगर निगम कार्यालय व आसपास के कैमरों को खंगालने में जुटी रही है। पुलिस उन दुकानों के नौकरों से भी पूछताछ करेगी जहां बंसल आभूषणों की सप्लाई करने गए थे। 

इसलिए चुनी पार्किंग
बदमाशों ने ज्वैलर्स आरके बंसल और उनके सहायक राकेश वर्मा की छह घंटे तक रेकी की। बंसल ने दो कंबल भी खरीदे थे। ये कंबल गाड़ी में पीछे की सीट पर रखे थे। बदमाशों को पता था कि वे बाजार में वारदात करेंगे तो पकड़े जाएंगे। उन्होंने रात में सुनसान होने जाने वाले पार्किंग स्टैंड को वारदात स्थल चुना। बदमाशों ने चालक की सीट पर बैठे आरके बंसल पर हमला करने के बजाय उनके सहायक वर्मा पर हमला किया। बदमाश भलीभांति जानते थे कि वर्मा के पास ही जेवर से भरा बैग है। 

हर बुधवार आते हैं बंसल
ज्वैलर्स आरके बंसल हर बुधवार को इंसार बाजार और हलवाई हट्टा में 20 ज्वैलरों को आभूषण सप्लाई करने आते थे। इसकी भी बदमाशों को जानकारी थी। 

पुलिसकर्मियों का नहीं खौफ
लालबत्ती चौक पर दोनों तरफ आठ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती थी। बदमाशों ने ज्वैलर्स और उनके सहायक को शोर मचाने का भी मौका नहीं दिया। जब तक वे कुछ समझ पाते बदमाश काफी दूर निकल चुके थे। वे वारदात कर पुलिसकर्मियों के सामने से ही भाग निकले। पुलिसकर्मी भी कुछ समझ नहीं पाए। बदमाश हरियाणवी बोली में बात कर रहे थे। 

सीसीटीवी होते तो नहीं होती वारदात
इंसार बाजार के प्रधान गौरव लीखा का कहना है कि शहर को सीसीटीवी की जरूरत है। सीसीटीवी कैमरे होते तो बदमाशों की वारदात करने की हिम्मत नहीं होती। अगर वारदात हो भी जाती तो बदमाश जल्द पकड़े जाते। नगर निगम एक महीने के बजट से शहर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा सकता है। एलिवेटेड हाईवे के नीचे लगे कैमरे भी चालू कराए जाने चाहिये। 

एक साल बाद भी लुटेरों को पकड़ नहीं पाई पुलिस 
29 जनवारी 2018 को सनौली रोड स्थित इंडियन इन्फोलाइन फाइनैंस लिमिटेड (आइआइएफएल) गोल्ड कंपनी के कार्यालय के कर्मचारियों को बंधक बनाकर नकाबपोश तीन बदमाशों ने करीब चार करोड़ रुपये के जेवर व नकदी लूट ली। बाइक सवार बदमाशों की धुंधली तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। इस मामले की पानीपत पुलिस और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) सोनीपत भी एक साल बाद बदमाशों को पकड़ नहीं पाई है। 

लूट की वारदात की गुत्थी नहीं सुलझी 
22 मार्च 2018 को सात बदमाशों ने हथियार के बल पर देवी मूर्ति कॉलोनी निवासी उद्यमी संजय चौधरी और उनके बेटे को पीटा। इसके बाद पिता-पुत्र व अन्य परिजनों को बाथरूम में बंद करके घर में जमकर लूटपाट की। बदमाश घर से छह लाख रुपये और करीब 24 लाख रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए। थाना शहर में मामला दर्ज है। पुलिस की तीन टीमों ने 11 महीने डकैतों की तलाश में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खाक छानी, लेकिन सफलता नहीं मिली।

Posted By: Ravi Dhawan