जागरण संवाददाता, पानीपत : सेक्टर-29 पार्ट-2 में सड़क किनारे खड़े करीब 250 हरे पेड़ काट दिए गए हैं। पेड़ काटने में प्राइवेट लेबर लगी हुई है। लेबर ने बताया कि ठेकेदार ने उन्हें पेड़ काटने का काम दिया। वन विभाग सेक्टर में लगे पेड़ों को नगर निगम और हुडा के अंडर बता रहा है। किसी भी विभाग को कानों-कान खबर नहीं हुई और सैकड़ों हरे पेड़ काट दिए गए।

पानीपत समेत पूरा प्रदेश प्रदूषण से जूझ़ रहा है। उद्योग नगरी पानीपत की आबोहवा में जहर घुलता जा रहा है। मानसून के सीजन में प्रशासन और वन विभाग लाखों पौधे रोपने का दावा करता है। हालांकि इसके बाद रौपे गए पौधों की देखरेख न होने के कारण उनमें से आधे पनपने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। जो पेड़ बड़े हो जाते हैं उनपर खुलेआम आरा चल रहा है। कुछ समय पहले सेक्टर-29 की डिवाइडर रोड पर बैंक्वट हॉल संचालकों ने पार्किंग के लिए हरे पेड़ों को कटवा दिया था। इस मामले में भी कुछ नहीं हुआ।

सड़क किनारे काट रहे पेड़

अब सेक्टर-29 के पार्ट-2 में सड़क किनारे खड़े सैकड़ों हरे पेड़ों को काट दिया गया है। जागरण की टीम पहुंची तो पेड़ काट रही लेबर ने दौड़ लगा दी। उन्हें समझाकर पूछताछ की तो बताया कि ठेकेदार ने उन्हें दिहाड़ी पर लगाया है। बताया कि आसपास के फैक्ट्री संचालकों को पार्किंग के लिए जगह चाहिए। जिसके लिए पेड़ों को कटवाया जा रहा है। सड़क किनारे खुलेआम कई दिनों से पेड़ काटे जा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को खबर तक नहीं है।

नगर निगम और हुडा की है प्रॉपर्टी

वन विभाग के रेंज ऑफिसर जयकिशन ने बताया कि हुडा सेक्टर के अंदर की प्रॉपर्टी नगर निगम और हुडा की है। दोनों ही विभाग हरित क्षेत्र के जिम्मेदार हैं। इन विभाग के अधिकारी ही इस मामले में कार्रवाई करेंगे।

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