यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर के तेजली रोड पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित वन स्टाप सेंटर से देर रात एक किशोरी फरार हो गई। परिजनों को जब उसके लापता होने की सूचना मिली तो वह सेंटर पर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के लापता होने के लिए विभाग जिम्मेदार है। किशोरी के लापता होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। थाना गांधी नगर पुलिस जांच करने के लिए मौके पर पहुंची। फिलहाल लापता किशोरी का कुछ पता नहीं चल पाया है।

दो दिन पहले भेजी थी वन स्टाप सेंटर

गांधी नगर थाना क्षेत्र की एक कालोनी में रहने वाली 16 साल सात माह की किशोरी को लक्की नाम का युवक परेशान करता था। परिजनों का आरोप है कि लक्की ने उनकी बेटी के साथ गलत काम भी किया। इसकी शिकायत उन्होंने गांधी नगर थाने में दी थी। पुलिस इस मामले को सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) के पास लेकर आई थी। किशोरी के परिजनों ने सीडब्ल्यूसी पदाधिकारियों को बताया था कि वह बेटी को घर नहीं ले जाना चाहते। वह चाहते हैं कि उसे बालकुंज में भेज दिया जाए। परंतु बालकुंज में केवल अनाथ बच्चों को ही रख सकते हैं। इसलिए उसे वहां नहीं भेजा गया था। तब सीडब्ल्यूसी ने उसे काउंसलिंग होने तक वन स्टाप सेंटर में भेज दिया था। दो दिन पहले ही उसे सेंटर में लाया गया था।

बाथरूम जाने के बहाने हुई फरार

महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमा प्रसाद का कहना है कि वन स्टाप सेंटर के बाहर सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहा है। अंदर बच्चों व महिलाओं के साथ मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर की ड्यूटी रहती है। पूछताछ में पता चला कि किशोरी बाथरूम जाने के बहाने कमरे से बाहर निकली। बाथरूम सेंटर में पिछली तरफ बना हुआ है। परंतु वह काफी देर तक वापस नहीं आई। सेंटर के आसपास लोगों के घर बने हुए हैं। सामने की दीवारें भी ऊंची हैं। परंतु उसका पता ही नहीं चला कि वह बाहर कैसे और कहां से निकली। इस बारे में उन्होंने सेंटर की इंचार्ज को भी बुलाया है। किशोरी के लापता होने की शिकायत उन्होंने थाने में दी है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

परिजनों ने विभाग को बताया जिम्मेदार

इस घटना के बाद किशोरी के माता-पिता वन स्टाप सेंटर पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटी के लापता होने के पीछे विभाग जिम्मेदार है। जिस लड़के ने उनकी बेटी के साथ गलत काम किया है उसने ही उन्हें फोन कर बताया कि बेटी सेंटर से लापता हो गई है। थोड़ी देर बाद उन्हें बताया कि वह अंबाला कैंट जाने वाली ट्रेन में बैठकर चली गई है। वह उन्हें गुमराह करते रहे। वह सेंटर में आए तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने भी उनकी नहीं सुनी। आज बेटी का मेडिकल होना था और वह लड़के के खिलाफ ब्यान देने वाली थी। कुछ देर बाद ही गांधी नगर थाने से एएसआइ संदीप पहुंचे। उन्होंने बताया कि छह बजकर तीन मिनट पर किशोरी सीढ़ियों की तरफ जाते हुए दिखी है। उसकी तलाश की जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla