जागरण संवाददाता, पानीपत : आचार्य डॉ. महावीर ने कहा कि स्वामी दयानंद ने मानव कल्याण मात्र के लिए विष पीकर स्वयं की आहुति दी। हरिद्वार से आए वैदिक विद्वान डॉ. महावीर आर्य केंद्रीय सभा द्वारा आर्य समाज खैल बाजार में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। महर्षि दयानंद के निर्वाण दिवस पर कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक यज्ञ से हुई। वैदिक यज्ञ आचार्य बृज किशोर शास्त्री ने संपन्न करवाया। समाज सेवी रेणु आर्य व राजेश आर्य ने ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोपाल कवात्रा ने की।

कार्यक्रम में वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार करने वाले ओमप्रकाश, रतन कुमार शर्मा, संजय गुप्ता, संजीव मखीजा व राजीव आर्य को सम्मानित किया गया। आचार्य महावीर ने कहा कि स्वामी दयानंद का जीवन संसार के हर प्राणी के लिए एक प्रेरणा है।

भजन गायक मिथलेश शास्त्री ने प्रभु भक्ति के गीतों से सबका मन मोह लिया। उन्होंने 'ऐ ऋषि तूने स्वयं को मिटाकर मानव मात्र को जीने का राह सिखा दिया' गीत द्वारा स्वामी को श्रद्धांजलि दी।

मंच संचालन रमेश बजाज ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बलराज एलावाधी, इन्द्रमोहन आहूजा, मास्टर जगदीश, मित्रसैन एलावाधी, राजीव आर्य, एसके बाहरी, राकेश कुमार, राकेश छाबड़ा, श्रीभगवान आर्य, केआर छोक्कर, आत्मप्रकाश आर्य, संजीव मखीजा, राजेंद्र प्रसाद, ज्योति आर्य, सीमा, कमलेश लीखा, कांता कवात्रा, गंगा एलावाधी, सुमित्रा दूहन मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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