जागरण संवाददाता, पानीपत : शूटर शक्ति नगर के सुमित रमन ने बुखार से पीड़ित होते हुए भी नेपाल में हुए 13वें दक्षिण एशियाई खेलों में 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उनकी टीम में आर्मी के श्रवण कुमार और रविद्र शामिल थे। सुमित ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि वह 1 दिसंबर को नेपाल चला गया था। वहां ठंड ज्यादा थी। उसे 6 दिसंबर को जुकाम, खांसी और बुखार हो गया था। ठीक से चला भी नहीं जा रहा था। वह स्पर्धा छोड़ नहीं सकता था, क्योंकि ऐसा मौका उसके जीवन में पहली बार आया था। सात साल तक कड़ा अभ्यास भी किया था। बुखार की दवा वह नहीं ले सकता था। इससे डोप टेस्ट में फंसने का भय था। श्रवण और रविद्र ने हौसला बढ़ाकर खेलने के लिए प्रेरित किया। पिस्टल उठाई और निशाने साधकर स्वर्ण पदक जीत पाया। सोमवार शाम को सुमित नेपाल से लौटा और घर आने के बाद मॉडल टाउन के एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया। दवा लेने पर आराम हो गया है। अब घर पर हूं।

दादा-दादी ने चूम लिया माथा, पिता की खुशी का ठिकाना नहीं

घर पहुंचने पर दादा राममेहर रमन और दादी कमला ने पोते सुमित का माथा चूम कर कहा कि पोते परिवार का नाम रोशन कर दिया है। दादी ने चूरमा भी खिलाया। बेटे की जीत से पिता सुनील रमन की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटे की जीत से सपना पूरा हो गया है। मां सविता, चाचा राकेश रमन और चाची सोनिया ने भी सुमित को बधाई दी।

नेशनल की तैयारी करूंगा, ओलंपिक में पदक जीतना लक्ष्य

सुमित रमन ने कहा कि ये उसका पहला स्वर्ण पदक है। अब वह जनवरी 2020 में भोपाल में होने वाली नेशनल शूटिग चैंपियनशिप की तैयारी करेगा। उसका अगला लक्ष्य 2024 में होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। ये आसान नहीं है, लेकिन असंभव भी नहीं है।

Posted By: Jagran

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