जागरण संवाददाता, पानीपत :

'नी मैं कमली यार दी कमली,

इश्क विच कमली होई,

सजना मैनू दर ते ला ले'

सूफी गीत पर संगत झूमती रही। नए साल पर रविवार को सावन कृपाल रुहानी आश्रम नूरवाला में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली से आई मशहूर सूफी गायिका स्वर्ण विज शर्मा ने अलग-अलग सूफी गीतों से संगत का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत में स्वर्ण विज ने जैसे ही सुनाया

'सामने होवे यार ते नचना पैंदा ए..'

सुनकर संगत झूमने पर मजबूर हो गई। तीन घंटे तक चले कार्यक्रम में एक-एक बढ़कर प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सावन कृपाल रुहानी मिशन नूरवाला के प्रधान मुलखराज नरूला ने बताया कि ऐसे सूफी और आध्यात्मिक कार्यक्रम कृपाल आश्रम में समय-समय पर होते रहते हैं।

कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजा सिंह, योगराज खुराना, नंद लाल, साहिल, सतीश सचदेवा, रुपेश नारंग, जोगेंद्र नरूला, महेश, चिमन गुलाटी, रूपल नरूला सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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