पानीपत, जेएनएन। पानीपत के काबड़ी गांव में तालाब की जमीन पर आंबेडकर मूर्ति स्थापना को लेकर वीरवार रात 12 बजे दो समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। दोनों समुदायों में विवाद बढ़ा तो एक पक्ष ने छत पर चढ़कर पत्थरबाजी शुरू कर दी। दूसरे पक्ष ने भी लाठियां चलाई। घटना का पता लगते ही डीएसपी संदीप ङ्क्षसह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देख भीड़ तीतर-बितर हो गई। मॉडल टाउन पुलिस ने सरपंच पति और ससुर सहित 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि काबड़ी गांव में तालाब की जमीन पर एक समुदाय के लोगों ने बीते 10 फरवरी की रात को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाई थी। दूसरे समुदाय के लोगों ने उक्त जमीन पर पंचायत की तरफ से चौपाल निर्माण के लिए देने का दावा कर मूर्ति स्थापना का विरोध किया। इसके बाद से दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हैं। मामले को देखते हुए पंचायत ने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत कर मूर्ति लगाने वाली जगह को चौपाल बनाने के लिए और मूर्ति लगाने के लिए दूसरी जगह जमीन देकर पांच फीट तक चारदिवारी कराने का आश्वासन दिया था। भीम आर्मी के सदस्यों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सामने ओवरब्रिज के नीचे धरना-प्रदर्शन किया। मूर्ति विवाद को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है। 

लघु सचिवालय पर सात घंटे चला प्रदर्शन

पत्थरबाजी में दोनों पक्षों के लगभग 25 लोग घायल हो गए। भीम आर्मी के 15 सदस्य घायल होने के विरोध में इस पक्ष के दो सौ से अधिक लोगों ने सात घंटे तक लघु सचिवालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। एसपी की तरफ से आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद शाम 5:30 बजे धरना समाप्त हो गया।   

जीटी रोड पर जाम लगा दिया

भीम आर्मी के बैनर तले काबड़ी गांव के एक पक्ष के लोग सुबह 10 बजे लघु सचिवालय के सामने एकत्र हो गए। गांव में स्थापित मूर्ति को नहीं हटाने देने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। आरोपित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई न करने और मूर्ति हटाने पर जीटी रोड जाम करने तक की चेतावनी दी। प्रशासनिक अधिकारियों पर दूसरे पक्ष के लोगों से रिश्वत लेकर मूर्ति हटवाने का आश्वासन देने का भी आरोप लगाया। भीम आर्मी की भीड़ को काबू करने के लिए दिनभर प्रशासनिक अमला तैनात रहा। डीएसपी संदीप सिंह, इंस्पेक्टर योगेश, इंस्पेक्टर किरण, इंस्पेक्टर संदीप कुमार व दुर्गा रैपिड एक्शन फोर्स सहित लगभग सौ पुलिसकर्मियों धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहें। साढ़े सात घंटे प्रदर्शन करने के बाद एसपी मनीषा चौधरी ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। 

इस तरह हुआ रात को विवाद

गांव के ही कुछ लोगों ने मूर्ति के पास स्थित एक टंकी की चारदिवारी तोड़ दी। भीम आर्मी को इस बात का पता चला तो वे घटनास्थल का जायजा लेने पहुुंचे। तभी दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी वहां आ गए। दोनों पक्षों के लोगों में मूर्ति स्थापना को लेकर मध्य रात्रि में ही कहासुनी होने लगी। दूसरे पक्ष के लोग घरों की छत पर चढ़ गए। वहां से पत्थरबाजी शुरू कर दी। भीम आर्मी के लगभग 15 लोग घायल हो गए।

महिलाओं और बच्चों संग भी की मारपीट

भीम आर्मी के साथ धरने पर बैठी रेखा ने बताया कि रात को झगड़े के दौरान आरोपित पक्ष के लोगों ने पहले मारपीट शुरू की थी। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को भी पीटा। फिर घरों की छत पर चढ़कर पत्थर बरसाने लगे। पुलिस आने पर आरोपित मौका देख फरार हो गए थे।

सरपंच के परिवार की शह पर हमला

प्रदर्शनकारी भीरा ने बताया कि सरपंच पति अंकुश और ससुर रामनिवास रावल की शह पर आरोपित पक्ष के लोगों ने उन पर हमला किया। आरोपित पक्ष वहां अपनी चौपाल बनवाना चाहता है। जबकि सरपंच ने ही उन्हें पंचायती जमीन में मूर्ति स्थापना की अनुमति दी थी। 

पुलिस ने नहीं की शारीरिक दूरी की पालना

धरना स्थल पर प्रदर्शनकारी के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी शारीरिक दूरी का पालना करना भूल गए। पुलिसकर्मी अलग-अलग समूहों में आपस में बातचीत करते दिखाई दिए। 

आरोप बेबुनियाद है। पंचायती जमीन लाइब्रेरी के लिए दी गई थी, समुदाय विशेष ने वहां मूर्ति स्थापना कर विवाद खड़ा किया है। विवाद बढऩे पर मामला प्रशासनिक अधिकारी देख रहे हैं। ग्राम पंचायत की अब इसमें कोई भूमिका नहीं है।

रामनिवास रावल, सरपंच ससुर

मूर्ति तोडऩे पर दूसरे पक्ष के 26 लोगों के खिलाफ 13 फरवरी को केस दर्ज हुआ था। अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उनके हौंसले बुलंद हो गए हैं। रात को आरोपितों ने पत्थरबाजी की तो दो पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए। एसपी मनीषा चौधरी ने सोमवार तक आरोपितों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन करेंगे।

नेमपाल बरवाला, राष्ट्रीय अध्यक्ष आंबेडकर सेना 

ये भी जानें 

- 10 फरवरी को काबड़ी गांव में हुई थी मूर्ति की स्थापना

- 15 लोग भीम आर्मी के हुए घायल 

- 13 फरवरी को मूर्ति तोडऩे पर 26 लोगों के खिलाफ हुआ था केस दर्ज

- 7 घंटे से ज्यादा समय तक धरनास्थल पर डटे रहे प्रदर्शनकारी 

- 100 से अधिक जवान दिन भर रहे तैनात 

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