जेएनएन, पानीपत : सोनीपत पुलिस की एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सोमवार को दावा किया कि उसने जींद के भिवानी रोड पर विकास नगर में हथियार बनाने की अवैध फैक्टरी को पकड़ा है। एसटीएफ ने दावा किया कि फैक्ट्री चलाने वाले विनोद उर्फ खिमा और हमीदपुर दिल्ली निवासी दीपक उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। पुलिस ने विनोद के घर में बड़ी मात्रा में हथियार बनाने का सामान भी बरामद करने का दावा किया। वहीं, विकास नगर निवासी आरोपी विनोद की पत्नी नीलम और उसके पड़ोसियों ने कहा कि पुलिस ने फर्जी कहानी रची है। यहां हथियारों की कोई फैक्ट्री नहीं चलती है।

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विनोद की पत्नी बोली- सादी वर्दी में पुलिस वाले हथियार लाए, फोटो खींचकर चले गए

मेरा पति विनोद उर्फ खिमा टीबी का मरीज है और शुक्रवार सुबह रोहतक के एक निजी अस्पताल से दवाई लेने के लिए घर से निकला था। उसी दिन शाम को सादी वर्दी में कुछ पुलिस कर्मी उसके घर पर लेकर आए और कमरे में ले गए और वहां से कुछ सामान लेकर चले गए। उसके बाद उसके पति का उनको कोई पता नहीं चला। सोमवार दोपहर को सोनीपत पुलिस की दो गाड़ी उनके घर के आगे रुकी। इसमें एक गाड़ी से उसके पति विनोद उर्फ खिम्मा को नीचे उतार लिया और दूसरी गाड़ी से पुलिस कर्मचारियों ने सामान उतारकर उनके कमरे में रखना शुरू कर दिया। जब उसने पुलिस कर्मियों से पूरी कहानी पूछी तो उन्होंने उसको धमकाना शुरू कर दिया और चुप्प रहने के लिए कहने लगे। इसी दौरान उसके पति को चारपाई पर बैठा दिया और उसके आसपास डिब्बों में बंद कुछ पिस्तौल रख दिए और एक आधा बना हुआ पिस्तौल व एक हथौड़ा उसके हाथ में थमा दिया और पुलिस कर्मी उसके फोटो व वीडियो बनाने लगे। इसी पर उसने पुलिस कर्मियों के पांव पड़कर उसके पति को ऐसे नहीं फंसाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं सुना। इसके बाद पुलिस कर्मी वापस अवैध पिस्तौल व उसके बनाने के सामान को वापस गाड़ी में रखकर उसके पति को साथ ले गए। बाद में उसे पता चला कि पुलिस ने उनके किराये के इस मकान में हथियार बनाने की अवैध फैक्टरी दिखाई है। इसके बाद उनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। यह बात सोनीपत एसटीएफ द्वारा पकड़े गए विकास नगर निवासी विनोद उर्फ खिमा की पत्नी नीलम ने कहे। इसी दौरान छापेमारी का पता लगने से मौके पर पहुंचे कालोनी के लोगों का भी कहना था कि इस मकान में विनोद व उसकी पत्नी नीलम पिछले दो साल से किराये के मकान में रह रहे हैं, लेकिन अवैध हथियार फैक्टरी चलने जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस खुद ही गाड़ी में अवैध हथियार व बनाने के सामान को लेकर आई थी। कालोनी के लोग भी हैरान है कि पुलिस ने इस मकान में अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी दिखाई है।

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पुलिस का यह है दावा

एसटीएफ के एसआई बिजेंद्र ¨सह ने शहर थाना जींद पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सूचना मिली थी कि झज्जर के गांव बहराणा का विनोद उर्फ खिमा जींद के विकास नगर में रहता है और अपने कुछ साथियों के साथ वहां पर अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी चलता है। इसके आधार पर छापामार दल का गठन किया। जब पुलिस ने वहां पर छापेमारी की तो एक व्यक्ति छत के ऊपर से पीछे से कूदकर भाग गया। जबकि दूसरे आरोपितों को पुलिस ने मौके से ही हथियार बनाते हुए पकड़ लिया। हथियार बनाते हुए पकड़े गए आरोपित की पहचान गांव बहराणा निवासी विनोद उर्फ खिमा, हमीदपुर दिल्ली निवासी दीपक उर्फ गोलू के रूप में हुई, जबकि फरार होने वाले आरोपित की पहचान गांव रामगढ़ निवासी संदीप उर्फ रामू के रूप में हुई। तलाशी लिए जाने पर कमरे में रखे टीवी ट्राली से पांच तैयारशुदा हथियार व चार आधे बने हुए हथियार बरामद किए। इसके अलावा उसके पास से कुछ कारतूस भी बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने वहां से भट्ठी, चिमट, कटर ग्राइंडर, बाक ¨सकजा, बिट की चाबी, 20 स्प्रिंग बड़े व छोटे,आरी ब्लेड डिब्बा, 5 छोटे व बड़े हथौडे़, एंगल लोहा, रैती लोहा छोटी-बड़ी, बिजली मीटर बॉक्स, कोयला 500 ग्राम, लोहा पत्ती, लोहा छोटी पाइप, सरिया, चार सूत की पत्तियां, लोहा चादर, लोहा राड, साइकिल मोरगार्ड की तार, पीतल तार के अलावा हथियार बनाने का दूसरा सामान बरामद किया।

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हमसे तो किराया भी नहीं चुकाया जाता

आरोपित विनोद की पत्नी नीलम ने कहा कि यदि उसका पति हथियार बनाने का काम करता तो क्या वह शानदार कोठी नहीं रहते। नीलम ने कहा कि उसका पति विनोद गांव किनाना में मामा के लड़के की दुकान पर नौकरी करता था और वहां पर लोहे गेट व ग्रिल बनाने का काम करता था, लेकिन काफी दिनों से टीबी हो गई थी और इसके कारण वह अब दुकान पर भी नहीं जा पा रहा। वह जिस मकान में किराए पर रहते हैं, उसका किराया 1500 रुपये महीना है। वह किराया भी उनसे समय पर नहीं दिया जाता।

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पड़ोसी बोले- छोटे कमरे में दूध बेचकर कर रहे गुजारा

विनोद के पड़ोस में रहने वाले लोगों ने कहा कि वह पिछले दो साल से यहां किराए पर रह रहा है। उसकी पत्नी अपनी दो बेटों व एक बेटी का पालन पोषण गाय का दूध बेचकर चला रही है। नीलम अक्सर गलियों में घूम रही दूध देने वाली गायों को पकड़कर उनको पालती है और उसी के दूध को बेचती है। परिवार के पांच सदस्य पिछले दो साल से मकान में बने एक छोटे से कमरे में रहते हैं। उन्होंने ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी जिससे यह लगे कि यहां पर विनोद हथियार बनाने का काम करता है। पड़ोसियों ने भी कहा कि पुलिस जो कुछ भी लाई थी सब अपने साथ लेकर आई थी। विनोद ने किसी को साजिश के तहत फंसाया है।

Posted By: Jagran

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