करनाल, जागरण संवाददाता। करनाल में एक मां का दर्द सामने आया। मां को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया और उसे अनाथ आश्रम की शरण लेनी पड़ी। 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को आंखों में आंसू लिए अपनों द्वारा ही यह दर्द देने की दास्तां सुनाई तो वे भी भावुक हो गए और उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद शहर थाना पुलिस ने दोनों बेटे व बहुओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसपी को दी शिकायत में मंगल कालोनी में रहने वाली बुजुर्ग महिला बाला वर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है और वह अपने एक बेटे के साथ मंगल कालोनी में रहती थी। जहां उसकी पुत्रवधु ने उसके साथ मारपीट की और धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उसकी कुल्हे की हड्डी डूट गई। उन्होंने 112 नंबर पर काल कर पुलिस को बुलाया तो पुलिस ने उन्हें उनके कुंजपुरा स्थित घर में रहने के लिए चाबी दिला दी तो दोबारा मारपीट न करने व उसका ईलाज कराने के लिए कहा। पुलिस ही उसे उक्त मकान में छोड़कर आई। लेकिन वहां उसे पांच से छह दिन ही रहने दिया गया। उसके बाद दोनों पुत्रवधुओं ने मारपीट शुरू कर दी और उसे घर के अंदर ही बंद कर दिया। उसे आसपास के लोगों ने बचाया तो उनके चुंगल से भी छुड़वाया। इसके बाद वह किसी तरह पैदल ही चलकर करनाल तक आने लगी तो किसी ने उसे अनाथ आश्रम तक पहुंचाया। आरोप है कि एक पुत्रवधु ने अपने स्वजनों से भी उसके साथ मारपीट कराई।

साहब... आज मेरा आपके सिवाय कोई सहारा नहीं

बुजुर्ग महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि साहब आज आपके सिवाय कोई सहारा नहीं है। जो मकान मंगलपुर में है वह मेरे पति के नाम है और अब वह उसे दिलाया जाए। उसके दो बेटे हैं और उनके अपने-अपने मकान है, लेकिन वे उन्हें इस मकान में रहने नहीं दे रहे है और इसे बेचना चाहते हैं। ऐसे बेटे व बहुओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

दोनों बेटे व बहुओं के खिलाफ केस दर्ज : एसएचओ

एसएचओ कमलदीप राणा का कहना है कि दोनों आरोपित बेटों व बहुओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता ने कहा था कि वह कुंजपुरा स्थित मकान में रहना चाहती है, जिसके चलते उसे वहां छोड़ दिया गया है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla