अरविन्द झा, पानीपत

अहोई अष्टमी का पर्व होने के कारण दोपहर तक मतदान फीसद कम रहा। दोपहर 2 बजे तक महिलाओं का वोटिग फीसद काफी धीमा चला। इसके बाद महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

कार्तिक मास कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को अहोई का त्योहार होता है। सर्वार्थ सिद्धि सोम पुष्य नक्षत्र योग होने से इस त्योहार का महत्व और अधिक हो गया। महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। विधानसभा चुनाव में 21 पिक बूथ बनाए गए। गुलाबी रंग के बने इन बूथों पर पीठासीन अधिकारी से लेकर पोलिग एजेंट और सुरक्षाकर्मी तक सभी महिलाएं तैनात रहीं। पानीपत शहर, मॉडल टाउन, मैन बाजार, हुडा सेक्टर और शहर के बाहरी हिस्से में बने बूथों पर मतदान का प्रतिशत सुबह 10 बजे तक धीमा रहा। अहोई का व्रत रखने से महिलाएं वोट डालने कम पहुंची।

पिक बूथ पर सुनीं कथा

सनौली रोड पर उग्राखेड़ी गांव में राजकीय स्कूल परिसर में चार पिक बूथ बनाए गए हैं। स्कूल की प्रधानाचार्य मीनू, किरण, सुमन, रीता, अनुराधा, उषा मलिक, राज कुमारी, रेखा, पूनम, सुदेश, कुलवंत व बिमला ने बूथ के पास एक कमरे में पूजन कर कथा सुनीं। जीएचएस नांगलखेड़ी स्कूल में कार्यरत शिक्षिका रीता ने बताया कि कथा सुनने के दौरान उन महिलाओं ने बूथ को संभाला जिन्होंने उपवास नहीं रखा।

Posted By: Jagran

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