करनाल, जेएनएन। करनाल के निगदू क्षेत्र के गांव बीड़-बड़ालवा के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर के महंत ओंकार पुरी की हत्या उसी के चेले गोकुल पुरी ने गद्दी व मंदिर के नाम 84 एकड़ जमीन की ठेका राशि हड़पने के लिए की थी। पुलिस ने आरोपित को शक के आधार पर हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने वारदात कबूल ली। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। मामले का खुलासा पूरी तरह हो गया है। बता दें कि महंत का अधजला शव 13 मार्च को मंदिर से ही बरामद हुआ था।

सीआइए टू इंचार्ज दीपक कुमार ने महिला थाना में पत्रकारवार्ता के दौरान बताया कि आरोपित गोकुलपुरी को निगदू से गिरफ्तार किया गया है, वह मूल रूप से असंध क्षेत्र के गांव चोचड़ा का रहने वाला है और वर्ष 2012 में बीड़-बड़ालवा स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर व खेड़ा में आकर रहने लगा था। उसने बताया कि मंदिर के नाम 84 एकड़ जमीन है, जो गांव के ही लोगों को ठेके पर दी जाती है।

ठेके की बड़ी राशि मंदिर के महंत के पास ही आती है। इसलिए उसने लालचवश महंत ओंकारपुरी को रास्ते से हटाकर गद्दी हासिल करने की साजिश रच डाली। साजिश के तहत 13 मार्च को महंत ओंकार पुरी को नशीला पदार्थ दिया और परने से उसका गला घोंटने के साथ ही आसपास कपड़े आदि इकट्ठे कर आग भी लगा दी। इसके बाद वह कैथल क्षेत्र में आयोजित एक भंडारे में शामिल होने के लिए रवाना हो गया।

सीआइए प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि आरोपित महंत से रंजिश रखने लगा था। वह करीब दो साल पहले भी कुछ ग्रामीणों से मिलकर महंत ओंकार पुरी को गद्दी से हटाने के प्रयास कर चुका था। असफल रहने पर उसने साजिश रचकर महंत की हत्या कर दी। अभी पूरे मामले में और भी कई परतें खुलने की उम्मीद है।

Posted By: Manoj Kumar

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