जागरण संवाददाता, पानीपत : आयोडीन की कमी से घेंघा, बौनापन, मानसिक विकार, बच्चों की ग्रोथ में कमी और महिलाओं को गर्भपात का खतरा रहता है। ये बातें तो सभी जानते हैं लेकिन पचास फीसद लोग निर्धारित मात्रा से अधिक आयोडीन का सेवन कर रहे हैं। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ा है।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कर्मवीर चोपड़ा ने बताया कि मानव शरीर में 100 से 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है। चाऊमीन, चिली पोटेटो, हॉट डॉग, बर्गर, फ्राइड राइस, सांबर आदि सहित होटलों का भोजन और घर में चटपटा भोजन सेवन के कारण करीब 70 फीसद लोग 250 माइक्रोग्राम तक आयोडीन ले रहे हैं। यह नमक के जरिए शरीर में पहुंच रहा है। गर, ऐसा नहीं हो रहा है, हर कोई आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल कर रहा है। इससे थाइरॉयड, नींद न आना, मोटापा, पीरियड्स अनियमित होना, घबराहट और रक्तचाप के रोगी बढ़ रहे हैं। स्वाद ग्रंथियों भी प्रभावित हो रही हैं।

डॉ. चोपड़ा के मुताबिक आयोडीन की अधिकता से होने वाली बीमारियों से पीड़ित 30 से 35 मरीज रोजाना सिविल अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। आयोडीन की कमी और अधिकता से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए डॉक्टर और डाइटिशियन से परामर्श लेना जरूरी है।

Posted By: Jagran

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