पानीपत/कुरुक्षेत्र, जेएनएन। धर्मनगरी की फिजा इन दिनों बदली बदली सी नजर आ रही है। अलग-अलग लोक संस्कृति और लोक नृत्य का संगम का नजारा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।  ब्रह्मसरोवर के तट पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की खुमारी युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों के भी सिर चढ़कर बोल रही है। महोत्सव में चारों तरफ हर्षोल्लास के माहौल के बीच युवा और बुजुर्ग विभिन्न वाद्ययंत्रों की स्वर लहरियों पर जमकर थिरक रहे हैं। यही नहीं खरीदारी की लीक से हटकर आमजन इसका पूरा लुत्फ उठा रहा है। 

ब्रह्मसरोवर पर जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से लोग सराबोर हो रहे हैं वहीं बीन की स्वर लहरियां हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। पारंपरिक वेशभूषा पहने बीन की स्वर लहरियां छोडऩे वाले इन कलाकारों को भी मस्ती के साथ बीन बजाते हुए देखा जा सकता है। विभिन्न लोक धुन बुजुर्गों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यहीं कारण है कि बुजुर्ग बीन की तान सुनकर एक बानगी जरूर वहां पर आते हैं। जिला सोनीपत और करनाल से गीता जंयती में पधारे कुछ बुजुर्गों और युवाओं ने बुधवार को जमकर इसका आनंद लिया। यहां तक की कुछ ठेठ महिलाएं भी अपना पैर उठाए बगैर नहीं रह सकी और उन्होंने भी बीन की स्वर लहरियों पर नृत्य किया।

 Kurukshetra Geeta Festival

पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक महोत्सव

विभिन्न राज्यों से आये कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में लघु भारत की अनूठी छठा बिखेर दी। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के तत्वावधान में पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया। इसका संचालन पंजाब से आये कलाकार पवन शर्मा ने किया।  इसकी शुरुआत गोवा के कलाकारों की मधुर प्रस्तुति से की गई। गोवा की कलाकारों ने कोंगणी नृत्य की प्रस्तुति दी। 

 Kurukshetra Geeta Festival

उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के कलाकारों का बेहतरीन प्रदर्शन

उड़ीसा की महिला कलाकारों ने गुट्टीपोआ लोकनृत्य की दमदार प्रस्तुति दी। यह नृत्य उड़ीसा में लड़कियां ही करती हैं, जिसके माध्यम से वे भगवान की वंदना करती हैं। भगवान को खुश करने के लिए वे समर्पित एवं पूर्ण श्रद्धाभाव से नृत्य करती हैं। छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने गोरमाडिय़ा लोकनृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। 

 Kurukshetra Geeta Festival

पंजाब के कलाकारों ने भरा जोश

उत्तराखंड से आये कलाकारों ने छपेली लोकनृत्य की प्रस्तुति दी, जिसके बाद मेजबान हरियाणा के कलाकारों ने दमदार हरियाणवी समूह नृत्य की प्रस्तुति तू राजा की राजदुलारी दिया। इसके बाद पुन छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने पंडवानी नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति दी। मथुरा से आये कलाकारों ने मयूर नृत्य की अनूठी प्रस्तुति दी। गुजरात के कलाकारों ने राठवा और अंत में पंजाब के कलाकारों ने जोशिला भंगड़ा प्रस्तुति किया।

 Kurukshetra Geeta Festival

खुशहाल जीवन जीने का दर्शन है श्रीमद्भागवद गीता

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019 के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में नौ देशों व 15 राज्यों से गीता के मर्मज्ञों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों ने धर्म, अध्यात्म, दर्शन, जीवन पद्धति व संगीत की दृष्टि से श्रीमद्भागवद गीता पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में 5156 वर्ष के बाद भी श्रीमदभागवद गीता की सार्वभौमिक कल्याण के लिए प्रासंगिकता व पृथ्वी पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के लिए इसकी उपयोगिता पर गहन मंथन हुआ। कुवि छह विभागों द्वारा सीनेट हॉल, फैकल्टी लॉज और संगीत विभाग में आयोजित इस विचार मंथन में हर उम्र के बौद्धिकों ने भाग लेकर इस चर्चा को और भी अधिक गंभीर व प्रासंगिक बना दिया। 

 Kurukshetra Geeta Festival

कई देशों और राज्यों से पहुंचे शिक्षाविद्, मनीषी और शोधार्थी

आस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, रूस, जापान, मारीशस, वियतनाम व देश के अधिकतर राज्यों से पहुंचे शिक्षाविदों, गीता मनीषियों व शोधार्थियों ने अपने अनुभव सांझा किए। दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित तकनीकी सत्र में श्रीमद्भागवद गीता का शाश्वत दर्शन एवं सार्वभौमिक कल्याण विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के दूसरे दिन दर्शन-विभाग की ओर से आत्म-अभियान्त्रिकी एवं गीता-दर्शन विषय पर विद्वानों ने विचार सांझा किये ।

Kurukshetra Geeta Festival 

ये जानकारी जरूरी

गीता ग्रंथ संसार के त्याग की शिक्षा न देकर संसार में रहते हुए समस्याओं के मध्य ही बोधपूर्वक जीवन जीने की सीख देता है। गीता संसार से भागना नहीं, अपितु संसार में रहते हुए जागकर-होशपूर्वक जीवन जीने की सीख देती है । ज्ञात इतिहास में उपलब्ध ग्रंथों में गीता ऐसा सर्वप्रथम ग्रंथ है, जोकि युद्ध के मैदान पर भी आत्मबोध या आत्म अभियांत्रिकी के स्वर्णिम सूत्र बतलाता है। इसके सिवाय अन्य ग्रंथ तो योगाभ्यास या आत्मबोध के लिये कहीं एकांत स्थान, जंगलों, पहाड़ों या आश्रमों में जाकर साधना करने की सीख देते हैं । 

Kurukshetra Geeta Festival

पर्यटकों को भा रहे महोत्सव में लगे स्टाल

अगर आपको अच्छी सेहत के लिए वैरायटी के साथ शुद्ध शहद चाहिए तो आप अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में पहुंच जाइए। यहां बागवानी विभाग हरियाणा के प्रोत्साहन पर अनिल शत-प्रतिशत शुद्ध शहद लेकर पहुंचे हैं। अनिल ने बताया कि बागवानी विभाग हरियाणा के प्रोत्साहन पर स्टार्ट अप के तहत उन्होंने शहद उत्पादन की ओर कदम बढ़ाया है, जिसमें उन्हें विशेष सफलता मिली है। उनके साथ लगभग दो हजार किसानों का जुड़ाव हुआ है जिन्होंने शहद उत्पादन की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं के लिए भी शहद उत्पादन बेहतरीन विकल्प है। 

 Kurukshetra Geeta Festival

उत्पादन जिनकी डिमांड

कुरुक्षेत्र के गांव रामनगर में शहद उत्पादन के लिए फार्म हाउस स्थापित किया गया है। अब जल्द ही आधा दर्जन से अधिक बिक्री केंद्र स्थापित किये जायेंगे। ताकि इस कार्य को और वृद्धि प्रदान की जा सके। अनिल तथा उनके सहयोगी संदीप ने बताया कि वे गत वर्ष भी गीता महोत्सव में अपने शहद को प्रदर्शित कर चुके हैं। मेले से उन्हें विशेष प्रोत्साहन मिला है। शुद्ध शहद की मांग रहती है जिसे वे पूरा कर रहे हैं। शीशम, सफेदा, सरसों, मल्टीफ्लोरा, जंडी, लीची, सूरजमुखी, जामुन, अजवायन और अकेसिया के शहद का निर्माण किया गया है, जिनकी कीमत 100 रुपये से 1600 रुपये तक है। मधुमक्खियों द्वारा तैयार किया जाने वाला बी-पोलन भी यहां उपलब्ध कराया गया है। अनिल के अनुसार बी-पोलन में अत्यधिक विटामिन होता है, जिसका प्रयोग बॉडी-बिल्डर विशेष रूप से करते हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार का मुरब्बा भी तैयार किया जाता है, जिसमें विशेष रूप से आंवला, बेलगिरी, सेब, हरड़, अदरक और लहसून का मुरब्बा शामिल है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से शहद का सेवन हमें स्वस्थ रखता है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

 Kurukshetra Geeta Festival

ऑर्गेनिक कृषि और टेरिस गार्डनिंग की स्टॉल

शरीर को स्वस्थ रहने के लिए अनेक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। परंतु आज के दौर में किसान उत्पादन बढाने के लिए बहुत अधिक मात्रा में रासायनिक पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे एक तरफ स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कृषि योग्य भूमि भी बंजर होती जा रही है। इससे लडऩे का जिम्मा गुहला-चीका के एक किसान धर्म सिंह ने उठाया है। धर्म सिंह स्वयं भी दो साल से रसायन रहित खेती कर रहे हैं तथा अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। लेकिन अब वो इस मुहीम का विस्तार करना चाह रहे हैं और यही बात ध्यान में रख कर वो अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के सरस मेले में पहुंचे हैं। 

 Kurukshetra Geeta Festival

गार्डनिंग का प्रचार

सरस मेले में वह ऑर्गेनिक खेती और टेरिस गार्डनिंग का प्रचार करने आए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार कृषि योग्य भूमि रसायनों के प्रयोग से खराब हो रही है और दूसरी तरफ शहरों में ना खेत हैं और ना ही मिट्टी है। ऐसे में ऑर्गेनिक खेती और टेरिस गार्डङ्क्षनग हर आदमी की जरूरत बन गई है। इसके उत्पादन से स्वास्थ्य को भी नुकसान नहीं पहुंचता। किसान धर्म सिंह न केवल ऑर्गेनिक खेती का प्रचार करते हैं, बल्कि साथ ही वो जरूरतमंद किसानों को मुफ्त ट्रेनिंग भी देते हैं। अब तक मेले में शहर व गांव से आए हुए 250 से ज्यादा किसानों ने मुफ्त प्रशिक्षण के लिए नाम दर्ज करवाया है। धर्म सिंह अपने साथी किसानों और टेरिस गार्डनिंग के इच्छुक शहरी लोगों के लिए ऑर्गेनिक खाद भी तैयार करते हैं। इनके पास वर्मी कंपोस्ट, पॉट प्लांट, पॉङ्क्षटग मिक्स, अनेक खासियतों वाली प्रोम और सबसे खास अमृत मिट्टी है। अमृत मिट्टी एक खास प्रकार की मिट्टी है, जो प्राकृतिक रूप से कई दशकों में तैयार होती है, जिसे धर्म ङ्क्षसह ने पांच महीने में तैयार कर दिखाया है। 

 Kurukshetra Geeta Festival

विश्व भर में है कुरुक्षेत्र की पहचान : पाबलीना

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के सरस और शिल्प मेले का अवलोकन करने के लिए पोलेंड का एक शिष्टमंडल कुरुक्षेत्र पहुंचा। इस शिष्टमंडल ने मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा के विशेष अनुरोध पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचे हैं। वे चंडीगढ़ में व्यापारिक संबंधों को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत करने के लिए आए थे। पौलेंड निवासी पाबलीना और भारतोश ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के सरस और क्राफ्ट मेले का अवलोकन किया और केडीबी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि धार्मिक दृष्टि से कुरुक्षेत्र पूरे विश्व में सबसे सर्वश्रेष्ठ स्थल है। इस धरा के सुंदर मंदिर, संस्कृति और पर्यटन से अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक विशेष स्थल है। इस जगह से सभी को पॉजीटिव एनर्जी मिलती है और इस पवित्र भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए संदेश भी प्रत्येक नागरिक के लिए आज भी प्रासंगिक थे। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा के कण-कण में इतिहास छिपा है, इस धरा के ऐतिहासिक क्षणों के बारे में पूरा विश्व जानता है और अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को देखने के लिए कुरुक्षेत्र में विशेष तौर पर पहुंचे हैं। यहां के लोगों से मिलकर सुखद एहसास हुआ।

 Kurukshetra Geeta Festival

गीता महोत्सव पर यूथ ब्लड सोसायटी के रक्तदान शिविर का उद्घाटन

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019 के पावन अवसर पर यूथ ब्लड सोसायटी की तरफ से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पास सात दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस रक्तदान शिविर में अब तक 36 लोगों ने रक्तदान किया है। डीसी डॉ. एसएस फुलिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी के सीईओ गगनदीप सिंह ने विधिवत रुप से रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया और रक्तदाताओं को बैज लगाकर सम्मानित किया। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि महोत्सव के इस पावन अवसर पर पहली बार समाज सेवी संस्था यूथ ब्लड सोसायटी द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। प्रधान विनोदपाल ने कहा कि यह शिविर सात दिन तक चलेगा और अब तक 36 लोगों ने रक्तदान किया और अब तक 150 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। इस मौके पर मनीष कक्केड़ी, गुरमेल सिंह, गुरचंट, भगत राम, लाभ सिंह, मनप्रीत, शमशेर मौजूद रहे।

 Kurukshetra Geeta Festival

ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में मंच पर घूमा हरियाणवी घाघरा

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2019 में पुरुषोत्तमपुरा बाग के मंच पर हरियाणवी घाघरा घूमा। हरियाणवी कलाकारों ने दिनभर मंच से एक से एक उम्दा प्रस्तुति दी। कलाकारों की प्रस्तुति देखकर विरासत हेरिटेज विलेज में पहुंचे पर्यटक झूमते रहे। इस मंच पर हरियाणवी संस्कृति के अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं। यहां पर ग्रामीण महिलाएं हरियाणवी लोकगीतों के माध्यम से हरियाणा के जीवन की जीवंत झांकी प्रस्तुत कर रही हैं। 

Kurukshetra Geeta Festival

इस मंच पर बुधवार को 100 से अधिक हरियाणवी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां देकर पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया। यहां पर हरियाणवी खोडिय़ा नृत्य, लूर नृत्य, धमाल नृत्य, सपेरा नृत्य तथा लोक पारंपरिक गीतों पर प्रदेश के सभी नृत्यों की प्रस्तुतियां भीड़ को आकर्षित कर रही हैं। इसके साथ ही गीता एवं धार्मिक भजनों का जोगियों द्वारा गायन भी यहां विशेष आकर्षण का केंद्र है। इतना ही नहीं बंचारी का रास नृत्य भी दर्शकों का खूब मनोरंजन कर रहा है। 

 Kurukshetra Geeta Festival

हरियाणवी रिति-रिवाज में रंगेगा महोत्सव

आने वाले दिनों में यहां पर हरियाणवी पॉप, आच्छी पगड़ी, चौक्खी मूच्छ, हरियाणा के रीति-रिवाज, हरियाणवी सांग, हरियाणवी फैशन शो, पगड़ी व धोती बांधने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही बुजुर्ग महिलाओं की रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। विरासत हेरिटेज विलेज में अनेक ऐसे सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जिनके माध्यम से हरियाणवी संस्कृति का प्रचार-प्रसार होगा। यहां पर कलाकारों द्वारा गाई जाने वाली रागनियां भी पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रही हैं।

 Kurukshetra Geeta Festival

विरासत हेरिटेज विलेज पहुंची डॉ. सुनीता बाल्याण

केंद्रीय मंत्री संजीव कुमार बाल्याण की धर्मपत्नी डॉ. सुनीता बाल्याण बुधवार को महोत्सव में लगे विरासत हेरिटेज विलेज में पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संस्कृति पूरे विश्व में विख्यात है। हमें हरियाणवी होने पर गर्व है। सभी हरियाणावासियों को अपनी संस्कृति को और अधिक प्रचारित एवं प्रसारित करना चाहिए। हरियाणा का इतिहास एवं संस्कृति ऐसी विरासत है जिसको युवाओं के साथ जोडऩे की आवश्यकता है।

Kurukshetra Geeta Festival

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र बने विश्व के ज्ञान का केंद्र : ज्ञानानंद

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का आदर्श केंद्र बनेगा। इस पावन धरा से पवित्र ग्रंथ गीता के संदेशों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इसके लिए सबसे सशक्त माध्यम बन चुका है। वह बुधवार को गीता ज्ञान संस्थान केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सात दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य मंच मेला क्षेत्र में संत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस संत सम्मेलन में स्वामी रामदेव, वाराणसी से रामकुमार दास,  गोबिंद देव गिरी, चिदानंद मुनि, जैन परंपरा से लोकेश मुनि महाराज, पंजाब से भूपेंद्र सिंह सहित कई जाने-माने संत शिरकत करेंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। 

Kurukshetra Geeta Festival

उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए अभी हाल में ही प्रदेश के शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर से मुलाकात की है। इसके लिए जिओ गीता भी अपना हर संभव सहयोग देेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्व का पर्यटन स्थल बने, इसके लिए देश-विदेश से आने वाले लोग ताजमहल की जगह कुरुक्षेत्र को देखने के लिए पहुंचे, इस प्रकार की योजना के लिए हर संभव योगदान भी देने के लिए तैयार हैं। इस पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश दिए, आज इन उपदेशों को अपने जीवन में खासकर युवा पीढ़ी को धारण करने की बहुत जरुरत है ताकि युवा पीढ़ी तनाव और बुरी आदतों से दूर रहकर एक अच्छे नागरिक बन सके। कुरुक्षेत्र को विकसित करने के लिए और इसे ज्ञान का आदर्श केंद्र बनाने के लिए सभी को मिलकर सांझे प्रयास करने होंगे और कुरुक्षेत्र के प्रति अपनी आस्था को जोडऩा होगा। इस मौके पर केडीबी के सदस्य विजय नरुला, राजन सपरा मौजूद रहे। 

Posted By: Anurag Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस