कैथल,सोनू थुआ। कृषि एवं कल्याण विभाग ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों में से 2991 करदाता व योजना की शर्तें पूरी न करने वाले अपात्र किसानों को लाभ सूची से बाहर कर दिया गया है। अब इन अपात्र किसानों से 2 करोड़ 85 लाख रुपये की रिकवरी राशि वसूल करने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। अब तक कृषि विभाग 48 करदाता व शर्तें पूरी न करने वाले 10 किसानों से मात्र चार लाख 80 हजार रुपये की राशि ही वसूल पाया है। अपात्र किसानों में करदाता 2 हजार 796 किसान मिले हैं।

जबकि 195 किसान शर्तें पूरी नहीं करते हैं। बता दें कि इस योजना का लाभ केवल छोटे व सीमांत किसान ही ले सकते हैं, लेकिन कुछ किसानों ने अनजाने या जानबूझकर इसका लाभ ले लिया है। फर्जीवाड़े के चलते विभाग की तरफ से लाभार्थियों के प्रमाण पत्रों की लगातार जांच की गई है, उसके बाद योजना से किसानों को बाहर किया गया है।

ये है स्कीम

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को साल में तीन किश्तों में छह हजार रुपये सालाना दिए जा रहे हैं ताकि किसानों की फसल का कुछ खर्च निकल सके। हर महीने के 500 रुपये के हिसाब से किसानों को विभाग देता है। इसकी शुरूआत 2018 दिसंबर में की गई थी। उसके बाद हर तीन महीने बाद किसान के खातों में इस स्कीम के तहत दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

योजना के लिए ये किसान अपात्र

पति व पत्नी दोनों लाभ नहीं ले सकते हैं। कोई किसान या उसके परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है या था तो उस परिवार को लाभ नहीं मिलेगा। राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी या रिटायर्ड कर्मचारी लाभ नहीं ले सकते। पूर्व या सेवारत मंत्री, राज्यमंत्री, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सांसद पात्र नहीं हैं। 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाला किसान भी योजना से बाहर है। करदाता किसान भी योजना में आवेदन नहीं कर सकता है।

अपात्र किसानों को सूची से बाहर निकाला गया

 कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद ने बताया कि दो हजार 991 करदाता व योजना की शर्त पूरी न करने वाले किसानों को योजना से बाहर किया गया है। सभी किसानों से रिकवरी वसूल करने का काम किया जा रहा है। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए किसान अटल सेवा केंद्र से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों के कागजों की वेरिफिकेशन की जाती है, इसमें आधार नंबर, किला नंबर का मिलान के बाद राशि विभाग की तरफ से डाली जा रही है। अब तक नौ किश्त किसानों के खाते में जा चुकी हैं।

Edited By: Manoj Kumar