पानीपत में निरंकारी समागम से हैंडलूम कारोबार की चांदी, 4 करोड़ के कंबल खरीदे श्रद्धालु; रेलवे-रोडवेज को 1.32 करोड़ की कमाई
संत निरंकारी मिशन के 79वें वार्षिक समागम से पानीपत के कारोबार और परिवहन सेवाओं को काफी लाभ हुआ। श्रद्धालुओं ने करीब 4 करोड़ रुपये के कंबल खरीदे।

संत निरंकारी समागम से चार करोड़ के कंबल खरीद ले गए श्रद्धालु। फोटो जागरण
HighLights
समागम से पानीपत के कारोबार को मिला बड़ा फायदा।
श्रद्धालुओं ने 4 करोड़ रुपये के कंबल खरीदे।
रेलवे और रोडवेज को 1.32 करोड़ रुपये की आय हुई।
जागरण संवाददाता, पानीपत। संत निरंकारी मिशन के 79वें वार्षिक संत समागम से पानीपत के कारोबार से लेकर परिवहन सेवाओं तक को अच्छा खासा फायदा हुआ। समागम में पहुंचे श्रद्धालु करीब चार करोड़ रुपये के कंबल खरीदकर ले गए, जिससे हैंडलूम कारोबारियों को बड़ा बाजार मिला।
वहीं, देशभर से आए अनुयायियों की आवाजाही से रेलवे को टिकटों के जरिये करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये और हरियाणा रोडवेज को सात लाख रुपये की आमदनी हुई। 26 अक्टूबर को संपन्न हुए समागम में करीब 10 लाख अनुयायियों के पहुंचने का दावा किया गया।
चार करोड़ का हुआ कारोबार
उद्योगपति मोहन लाल गर्ग ने बताया कि सर्दियों की दस्तक के बीच समागम पानीपत के हैंडलूम कारोबारियों के लिए बिक्री का बड़ा अवसर बनकर आया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु कंबल खरीदकर ले गए। वहीं, कंबल के थोक दुकानदारों ने बताया कि लगभग चार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
बड़ी संख्या में हुई खरीदारी ने स्थानीय व्यापारियों को सीधा लाभ पहुंचाया। रेलवे के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मुकेश ने बताया कि रेलवे ने इस बार 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की तैयारी की थी। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात रहे थे।
दो साल में रेलवे का राजस्व तीन गुना
समागम में श्रद्धालुओं की आवाजाही से रेलवे की कमाई में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में रेलवे को 48 लाख रुपये का राजस्व मिला था। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 79 लाख रुपये तक पहुंच गया। इस बार आमदनी करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये बताई गई है।
यूटीएस और आरक्षित टिकटों से हुई कमाई इसमें शामिल है। पिछले दो वर्षों के मुकाबले इस बार रेलवे का राजस्व करीब तीन गुना रहा। उधर, समागम स्थल के नजदीक स्थित भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भीड़ रही। छह दिन में स्टेशन को करीब एक लाख रुपये की आय हुई।
