पानीपत। भारत में इंटरनेट की शुरुआत 1993 में हुई। इंटरनेट मीडिया एक माध्यम है जो इन दिनों अपनी यूजर फ्रेंडली फीचर्स के कारण काफी लोकप्रिय हो रहा है फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों को दूर-दूर रहते हुए भी एक दूसरे से जुड़ने का मौका दे रहे हैं। विशेष रूप से आज के युवा इंटरनेट मीडिया के सबसे प्रभावशाली उपयोगकर्ताओं में से एक हैं।

जैसे एक सिक्के के हमेशा दो पहलू होते हैं, वैसे ही इंटरनेट मीडिया के लिए भी यही हैए इस विवादास्पद विषय पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय है। जब हम इंटरनेट मीडिया के सकारात्मक पहलुओं को देखते हैं, तो हमें कई फायदे मिलते हैं। सबसे महत्वपूर्ण, शिक्षा के लिए यह एक महान उपकरण है। एक क्लिक की दूरी पर सारी जानकारी उपलब्ध हो जाती है।

छात्र इंटरनेट मीडिया का उपयोग करके विभिन्न विषयों पर खुद को शिक्षित कर सकते हैं। इसके अलावा, इंटरनेट मीडिया के कारण अब लाइव व्याख्यान संभव है। आप भारत में बैठकर अमेरिका में हो रहे कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इंटरनेट मीडिया की वजह से संवाद सहज हुआ है। उदाहरण के लिए आप विदेशों में अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ आसानी से संवाद कर सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह युवा नवोदित कलाकारों को यह अपनी प्रतिभा दिखाने का भी माध्यम है। इंटरनेट मीडिया के जरिए आपको रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं। एक अन्य लाभ निश्चित रूप से उन कंपनियों को लाभान्वित करता है जो अपने ब्रांड का प्रचार करना चाहती है। इंटरनेट मीडिया विज्ञापन का केंद्र बन गया है और आपको ग्राहक से जुड़ने के बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।

इतने अनोखे फायदे होने के बावजूद इंटरनेट मीडिया को समाज के सबसे हानिकारक तत्वों में से एक माना जाता है। कारण यह कि उसका दुरुपयोग आपराधिक मानसिकता के लोग भी करते हैं। अगर इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल पर नजर नहीं रखी गई तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह हानिकारक है क्योंकि यह आपकी निजता पर आक्रमण करता है। इंटरनेट मीडिया सांप्रदायिक दरार भी पैदा करता है इसके इस्तेमाल से अफवाएं फैलाई जाती है, जो लोगों के दिमाग में जहर घोल देती है। इंटरनेट मीडिया पर विशेष रूप से बच्चों द्वारा साझा किए जाने वाले संदेश पर हर समय नजर रखनी चाहिए।

विक्रम गांधी, प्रबंधक, विक्टर पब्लिक सी. से. स्कूल, पानीपत।

Edited By: Anurag Shukla