जागरण संवाददाता, पानीपत : सेक्टर 25 पार्ट-2 में सेल्स टैक्स कार्यालय में आने-जाने वाली सड़कें चार साल पहले बनी थी। इन सड़कों पर दो करोड़ रुपये खर्च किया गया था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हशविप्रा) द्वारा ये सड़कें बनवाई गई थी। अब ये सभी सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। इन गड्ढों में पानी भरा रहता है। सड़क के साथ ही नाले बनाए गए थे, जो कभी साफ ही नहीं किए गए।

पानी की निकासी न होने के कारण ही पहले भी यहां की सड़कें टूट चुकी थी। उद्यमियों की मांग के चलते ये स़ड़कें बनी थी। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई थी। तत्कालीन मेयर भूपेंद्र सिंह ने भी बिना पानी की निकासी के सड़कें बनाने पर विरोध जताया था, उसके बाद भी सड़कें बना दी गई। पानी की निकासी न होने के कारण ये सड़़क टूट गईं। कोविड के बाद भी इस वर्ष अगस्त महीने तक 2696 करोड़ रुपये का टैक्स देने वाले सेल्सटैक्स कार्यालय में आने जाने का रास्ता भी नहीं बचा है। लोगों को पानी में से होकर आना जाना पड़ता है। आए दिन कोई न कोई वाहन पलट जाता है। जिससे अनेक लोग चोटिल हो चुके हैं।

चैंबर उठा चुका मामला

हरियाणा चैंबर आफ कामर्स सड़कों का मामला जिला स्तरीय क्लीयरेंस कमेटी की बैठक में उठा चुका है। चैंबर के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल का कहना है कि इस सेक्टर ज्यादातर उद्योग निर्यात संबंधित लगे हुए हैं। अक्सर वाहनों के पलटने से उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में पानी की निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। इस क्षेत्र में अनेक शोरूम भी खुल चुके हैं। सड़के टूटी होने के कारण शोरुम में खरीदार नहीं पहुंच रहे। बजरी बिखरी पड़ी सड़के टूटने के कारण बजरी बिखरी पड़ी हैं। इस पर दोपहिया वाहन चालक अक्सर स्लिप होने के कारण चोटिल हो रहे हैं। फैक्ट्रियों में गंदा पानी घुस रहा है। एक सड़क को तो पानी निकासी के लिए बीच के खोदा जा चुका है। नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त मनोज कुमार यहां का दौरा कर अधिकारियों को गंदे पानी की निकासी के निर्देश दे गए थे। विभिन्न विभागों की तालमेल कमेटी में भी यह मामला उठाया जा चुका है। उसके बाद भी न तो निकासी की व्यवस्था हो रही और नहीं सड़के बनाई जा रही। गारंटी पीरियड के दौरान भी इस सड़क की मरम्मत तक नहीं करवाई गई। चैंबर ने की जांच की मांग

हरियाणा चैंबर आफ कामर्स ने इन सड़कों में लगे घटिया मैटिरियल की जांच करवाने की मांग की। साथ ही इन सड़कों के नुकसान की भरपाई संबंधित ठेकेदार से करवाने की मांग की। विनोद खंडेलवाल ने कहा कि जीटी रोड कई-कई वर्षों से बना हुआ है। वो रोड़ इतना जल्दी नहीं टूटता, फिर शहर के अंदर बनने वाले रोड इतनी जल्दी क्यों टूट रहे हैं।

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