पानीपत, जेएनएन। सब इंस्पेक्टर पद से रिटायर होने के बावजूद भगत सिंह का पुलिसिया रौब खत्म नहीं हुआ। टोल टैक्स बचाने के लिए अपनी आइ-20 गाड़ी में पुलिस की वर्दी, डंडा और टोपी रखता था। चांदनी बाग थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उससे पूछताछ की जाएगी कि क्या उसने वर्दी का इस्तेमाल किसी और मामले में भी किया है। 

आइपीसी की धारा 171 (कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक पहनना या निशानी को धारण करना।) के तहत केस दर्ज कर लिया है। यह गैर जमानती, संज्ञेय अपराध है। दोषी सिद्ध होने पर तीन महीने की सजा या दो सौ रुपये जुर्माना। या दोनों ही सजा हो सकती हैं। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है। आरोपित करनाल के कोटेक बैंक में सिक्योरिटी गार्ड है। जब उसकी गाड़ी टोल नाके से गुजरी तो पुलिस को सूचना मिली कि गाड़ी वर्दी टंगी हुई है। पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके घर में छापा मारकर गिरफ्तार किया।

सोनीपत का रहने वाला है आरोपित

मूल रूप से सोनीपत का रहने वाला है भगत सिंह पानीपत में सेक्टर 24 में रहता है। जनवरी 2018 में रिटायर हो गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपनी गाड़ी में अभी भी पुलिस की वर्दी रखता है। पुलिस का रौब जमाता है। टोल टैक्स से बचने के लिए यह सब करता है। अगर कोई रोकता तो उसे बुरी तरह धमकाता। एसआइ समझकर कोई कुछ नहीं कहता। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि मंगलवार को पता चला कि भगत करनाल से लौट रहा है। उसकी गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें से वर्दी, डंडा और टोपी मिली। उससे कोई पूछताछ करता तो कहता कि सरकार ने उसे नियुक्त किया है। जबकि जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला। उसके पास रिटायर्ड एसआइ का आइ कार्ड, एक्सपायरी तारीख का एक आइकार्ड मिला है। 

रखता था फाइलें

ऐसा भी पता चला है कि वह गाड़ी में कुछ फाइलें रखता था। इससे लोगों पर रौब बना रहता था। बताता था कि वह मामलों की जांच में लगा हुआ है। किन्हीं दो पक्षों में विवाद होने पर उनके बीच पहुंच जाता। खुद ही समझौता कराने या केस के संबंध में राय देने की बात करता। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। 

 

Posted By: Anurag Shukla

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