कैथल, जागरण संवाददाता। नई पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस का जिला स्तरीय समारोह कई तरह से व्यवस्थाओं और खामियों की जद में दिखा। इस बार मौसम ने तो भरपूर साथ दिया, लेकिन मैदान की व्यवस्था ने कार्यक्रम के दौरान फजीहत करा दी। गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल की गई कई विभागों की झांकियां पिछले दिनों हुई बारिश से मैदान में बने कीचड़ में धंस गई। इसके चलते झांकियों की पूरी श्रृंखला टूट गई और एक से दूसरी झांकी के मंच तक पहुंचने में लंबा अंतराल रहा।

स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, रोडवेज और शुगर मिल की झांकियां तो शामिल ही नहीं हो पाई। इसके चलते तकरीबन एक हफ्ते से झांकी बनाने की तैयारियों में जुटे कर्मचारियों की मेहनत पर अव्यवस्था का कीचड़ फिर गया। बता दें कि शुगर मिल और रोडवेज की झांकियां ज्यादातर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान प्रथम और द्वितीय की दौड़ में रहती हैं, लेकिन इस बार इन दोनों विभागों की झांकियां ही जिला स्तरीय समारोह के मंच के सामने तक नहीं पहुंच पाई। 

झांकियों को निकालने के लिए बुलाई क्रेन

कीचड़ में फंसी झांकियों को निकालने के लिए कार्यक्रम के बीच में ही एक क्रेन बुलाई गई, लेकिन मैदान में कीचड़ ज्यादा होने के चलते वह भी धस गई।फिर इस क्रेन को निकालने के लिए एक झांकी से निकालकर ट्रैक्टर लगाना पड़ा, लेकिन बात नहीं बनी। 

बता दें कि फाइनल रिहर्सल के दौरान उपायुक्त प्रदीप दहिया ने तमाम अधिकारियों के साथ मैदान का जायजा लिया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि जहां-जहां से झांकियां और मार्च पास्ट गुजरना है, वहां मिट्टी गिरा कर जमीन को सुखा दिया जाए। इसके बावजूद मैदान पर ऐसी स्थिति बनी कि लापरवाही की झलक ने महत्वपूर्ण झांकियों को कीचड़ में धकेल दिया और छिछालेदार करवा दी।

कार्यक्रम समाप्त होने पर आई रोडवेज की झांकी

गणतंत्र दिवस समारोह के अंतिम क्षणों में रोडवेज विभाग की झांकी कीचड़ से निकल पाई। जब तक वह मंच के सामने पहुंची मुख्य अतिथि कार्यक्रम समाप्ति के बाद मंच से उतर चुके थे। हालांकि उन्होंने नीचे उतर कर ही झांकी का अवलोकन किया, लेकिन इसको प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जा सका। रोडवेज के कर्मचारियों का कहना है कि यह विडंबना ही है कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।

दूसरी तरफ शुगर मिल की झांकी के कीचड़ में फंसने के चलते कार्यक्रम देखने आए बच्चों ने झांकी से गन्ने निकाल लिए। यह नजारा भी किसी बेबसी से कम नजर नहीं आ रहा था। बच्चों ने शुगर मिल की झांकी से खूब गन्ने लूटे और कर्मचारी बेबस होकर मेहनत को बर्बाद होते देखते रहे।

Edited By: Rajesh Kumar