जागरण संवाददाता, पानीपत : सनौली रोड स्थित हैदराबादी अस्पताल से इलाज के लिए प्रेम अस्पताल भेजा गया 10 माह का मासूम आईसीयू (गहन चिकित्सा यूनिट) में एडमिट है। तीस घंटे लगातार इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य में मामूली सुधार बताया गया है। बता दें कि बच्चे के हाथ में सेप्टिक होने से परिजनों ने शुक्रवार को अस्पताल में जमकर बवाल काटा था।

क्या है मामला

गौरतलब है कि गांव पसीना खुर्द निवासी सोनू के पुत्र पूर्व को तेज बुखार के चलते 26 नवंबर को हैदराबादी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 4 दिन बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। घर पहुंचने के पांच दिन बाद नहलाने से पहले पट्टी खोली गई तो हाथ नीला पड़ चुका था। जांच में पता चला कि बच्चे को सेप्टिक (संक्रमण) हो गया है। पीजीआई रोहतक डॉक्टरों ने बाजू काटने की बात कही तो वहां से लौटकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद, अस्पताल प्रबंधन ने प्रेम अस्पताल में इलाज का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली, तब परिजन शांत हुए।

अब पूर्व के चेहरे पर लौटी मुस्कान

अब जबकि बच्चे का इलाज प्रेम अस्पताल में चल रहा है, उसकी हालत में मामूली सुधार है। शनिवार को दादी संतोष की गोद में खेलते मासूम के चेहरे पर मुस्कान दिखी। दादा सुभाष ने बताया कि बच्चे का सही इलाज हो जाए, इससे संतुष्ट हैं। इसलिए थाने और सिविल सर्जन के यहां हैदराबादी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ शिकायत नहीं की है।

Posted By: Jagran