यमुनानगर, जागरण संवाददाता। कृषि कानूनों के विरोध में 13 माह तक चला आंदोलन किसान, मजदूर, युवा व महिलाओं के लिए केवल ट्रेनिंग थी। आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। दूध को लेकर सरकार का विदेशी कंपनियों से करार सहित किसानों से जुड़े अन्य कई मुद्दों को लेकर आंदोलन एक बार फिर होगा। कब और कहां होगा, यह बता दिया जाएगा। 15 जनवरी को दिल्ली में एक बार फिर बैठक होगी। यह बात भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत के दौरान कहे।

आप सब के सहयोग से हमने लड़ाई जीती

कृषि कानूनों की वापसी को लेकर किसानों की जीत के लिए धन्यवाद करने के लिए टिकैत शुक्रवार को यमुनानगर पहुंचे और किसान महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, युवा व महिलाओं की एकता के दम पर ही संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों की लड़ाई का जीता है। मंच से उन्होंने आंदोलन को दोबारा शुरू किए जाने का संकेत दिया और किसानों को इसके लिए तैयार रहने का आह्वान किया। इस सरकार की निगाह किसानों की जमीनों पर टिकी हुई है। ऋण योजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन हथियाने की साजिश रची जा रही है। विदेशी कंपनियों को भारत में पनाह दी जा रही है। लेकिन अब किसान इस सरकार की मंशा को भांप गया है।

मीट फैक्ट्री का विरोध

राकेश टिकैत ने रादौर के गांव कांजनू में प्रस्तावित मीट फैक्ट्री का विरोध , दादुपुर नलवी नहर के मुद्दे पर आंदोलनरत किसानों, बर्खास्त पीटीआइ टीचर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के धरने का भी समर्थन किया है। मीट फैक्ट्री पर स्पष्ट किया कि इसके लिए ग्रामीणों को एकजुट होकर सख्ती से विरोध करना पड़ेगा। जैसे उत्तर प्रदेश के देवबंद में किसानों ने किया था। इस मुद्दे पर भाकियू ग्रामीणों के साथ है। महापंचायत के दौरान अंबाला के उप प्रधान गुलाब सिंह अपने 30 साथियों के साथ गुरुनाम सिंह ने चढ़ूनी गुट छोड़कर राकेश टिकैत के साथ किसानों की लड़ाई लड़ने की घोषणा की है। मौके पर यूनियन के राष्ट्रीय महा सचिव युद्धवीर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रत्नमान, मुकेश मलिक, जिला प्रधान सुभाष गुर्जर, एडवोकेट साहब सिंह गुर्जर, सतपाल कौशिक, पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।

एकजुट रहें किसान

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट रहना होगा। इस आंदोलन से आपने एकजुटता की ताकत का अंदाजा लगा लिया है। किसान-मजदूर ने 13 माह तक सर्दी-गर्मी व बारिश झेली, लेकिन आंदोलन को टूटने नहीं दिया। भविष्य में भी हमें इसी तरह एकजुटता दिखानी होगी। महापंचायत में पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा भी पहुंचे, लेकिन मंच पर नहीं बल्कि किसानों के बीच ही बैठे।

Edited By: Rajesh Kumar