यमुनानगर, जागरण संवाददाता। कृषि कानूनों की वापसी के बाद जगाधरी की अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत से भाकियू (चढ़ूनी ग्रुप) दूर रहा। महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बतौर मुख्यातिथि संबोधित किया। आंदोलन के बाद किसान संयुक्त मोर्चा में बिखराव के सवाल के जवाब में टिकैत ने कहा कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी चार माह की छुट्टी पर गए हैं। वह किसानों की लड़ाई लड़ेंगे या फिर चुनाव, इस मुद्दे पर उनसे बाद में ही चर्चा की जाएगी। हम भी चर्चा करेंगे। जनता भी चर्चा करेगी। फिलहाल वे अपने साथियों के साथ छुट्टियों पर हैं और हम उनको छूट्टी के दौरान परेशान नहीं करना चाहते। वह केवल इतना ही जानते हैं कि राकेश टिकैत चुनाव नहीं लड़ेंगे। न ही किसी को समर्थन करेंगे।

सरकार की कलम है, धोखा दे सकती है

किसानों को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि दिल्ली व चंडीगढ़ की सरकारों की कलम धोखा दे सकती है, लेकिन किसान का हल कभी धोखा नहीं दे सकता। सरकार के हर उस निर्णय को सख्ती के साथ विरोध किया जाएगा, जो किसान हित में नहीं है। 13 माह चले आंदोलन से यह साबित हो चुका है कि किसान-मजदूर अब एकजुट है और सरकार की हर किसान विरोध निर्णय का विरोध करने में पूरी तरह सक्षम है। वह हर लड़ाई जीत सकता है। सरकार ने किसानों को आपस में बांटने व थकाने का हर स्तर पर प्रयास किया, लेकिन किसानों की किताब में थकना लिखा ही नहीं है।

किसानों की लड़ाई केवल स्‍थगित है: टिकैत

उन्‍होंने कहा, कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसानों ने अपनी लड़ाई को केवल स्थगित किया है। खत्म नहीं किया। क्योंकि किसानों से जुड़े ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर अभी लड़ाई जारी रखनी होगी। सरकार नहीं चाहती कि देश का किसान आबाद रहे। तरह-तरह की योजनाओं का प्रलोभन देकर उनकी जमीनों को हथियाना चाहती है। इसके के लिए किसान को एकजुट रहना पडेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कोई भी नीति बनाने से पहले सरकार को किसानों के साथ चर्चा करनी चाहिए।मौके पर यूनियन के राष्ट्रीय महा सचिव युद्धवीर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष रत्नमान, मुकेश मलिक, जिला प्रधान सुभाष गुर्जर, एडवोकेट साहब सिंह गुर्जर, सतपाल कौशिक व अन्य उपस्थित रहे।

Edited By: Anurag Shukla